सैन्य सम्मान के साथ सेना नायक का किया गया अंतिम संस्कार।
सरोजनीनगर। बंथरा के गोड़वा गांव के पास 24 मई को सई नदी में नहाते समय छलांग लगाने से सेना नायक रविंद्र कुमार रावत (40) का सिर किसी भारी चीज से टकरा गया था। वह कोमा में चले गए थे और आठ दिन बाद सोमवार को कमांड अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जबलपुर में तैनात रविंद्र का ट्रांसफर लखनऊ हुआ था। उन्हें 25 मई को ड्यूटी जाॅइन करनी थी। 24 मई की सुबह वह दोस्ताें के साथ गांव के पास सई नदी में नहाने गए थे। नदी में छलांग लगाने के दाैरान रविंद्र का सिर नदी में पड़ी भारी चीज से टकरा गया था। वह बेहोश हो गए थे। दोस्तों ने उन्हें नदी से निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें कमांड अस्पताल रेफर कर दिया था। वहां वह कोमा में चले गए थे।
सोमवार सुबह उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लेफ्टिनेंट पीयूष बिष्ट और सेना के जवान रविंद्र के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गांव पहुंचे। पैतृक जमीन पर सैन्य सम्मान और जवानों की सलामी के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान सेना के अधिकारियों, परिजनों और सांसद आरके चौधरी ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।
सैन्य सम्मान के साथ सेना नायक का किया गया अंतिम संस्कार।
सैन्य सम्मान के साथ सेना नायक का किया गया अंतिम संस्कार।