लखनऊ। दरोगा भर्ती परीक्षा 2025 का कथित प्रश्नपत्र टेलीग्राम के माध्यम से बेचने के आरोपी बीबीए छात्र अरमान खान को आगरा से गिरफ्तार किया गया है। आगरा निवासी अरमान ने अपने सहपाठी आयुष बघेल के साथ मिलकर फर्जी टेलीग्राम चैनल बनाकर अभ्यर्थियों को पेपर लीक का झांसा दिया और 10 से 25 हजार रुपये तक की वसूली की थी। हुसैनगंज पुलिस और एसटीएफ दो माह पहले आरोपी के सहपाठी आयुष को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि 12 मार्च को भर्ती बोर्ड में तैनात मीडिया सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार ने हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में उल्लेख किया गया था कि दरोगा भर्ती परीक्षा के नाम पर टेलीग्राम चैनल बनाकर अभ्यर्थियों को पेपर लीक होने का झांसा देकर रुपये वसूले जा रहे हैं। जांच के दौरान हुसैनगंज पुलिस को आगरा के शाहगंज स्थित लक्ष्मीपुरम निवासी अरमान खान के बारे में पता चला। उसने अपने सहपाठी, न्यू आगरा क्षेत्र की इंजीनियर्स कॉलोनी निवासी आयुष बघेल के साथ मिलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर यूपीएसआई एग्जाम पेपर और यूपीएसआई-2026 नाम से फर्जी चैनल बना रखे थे। इन्हीं चैनल पर आरोपियों ने पेपर लीक की अफवाह फैलाई और नकली पेपर तैयार कर अभ्यर्थियों को जाल में फंसाया। एसओ हुसैनगंज शिव मंगल सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से अरमान की लोकेशन आगरा में मिली थी। इसके बाद उसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया।