लखनऊ। राजधानी में सीबीएसई, आईसीएससीई के निजी स्कूलों की मनमानी पर विराम लगाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग शिकंजा कसेगा। इन्हें ली जानी वाली हर मद में फीस व सोसाइटी पंजीकरण का ब्योरा दिखाना होगा।
स्कूलों को यह भी बताना होगा कि राज्य सरकार की ओर से जारी होने वाली एनओसी की शर्तों का वे कितना पालन कर रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने सीबीएसई और आईसीएससीई स्कूलों के प्रबंधकों से नौ बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। जिनका जवाब नहीं आएगा, उनकी एनओसी रद्द की जा सकती है।
इन बिंदुओं पर जवाब देना होगा
- विद्यालय की पंजीकृत सोसायटी का नवीनीकरण।
- विद्यालय प्रबंध समिति का सदस्य निदेशक की ओर से नामित है या नहीं।
- विद्यालय में कम से कम 10 प्रतिशत अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों का प्रवेश मिल रहा है या नहीं।
- अभिभावकों से किस-किस मद में ले रहे हैं शुल्क।
- कर्मचारियों का वेतन-भत्ता।
- मानक के अनुसार शिक्षकों की योग्यता।
- राज्य सरकार के आदेशों का कितना पालन हुआ।