लखनऊ विश्वविद्यालय में स्नातक, परास्नातक, बीपीएड और एमपीएड पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू होगी। विश्वविद्यालय में शुक्रवार को प्रवेश समिति की बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम जारी कर दिया गया। विवि प्रशासन ने इसके साथ ही विभिन्न पाठ्यक्रमों में आवेदन की अंतिम तारीख और प्रवेश परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी है। आवेदन फॉर्म विवि की वेबसाइट lkouniv.ac.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से 16 मार्च को शाम पांच बजे से भरे जा सकेंगे।
लविवि में स्नातक की साढ़े तीन हजार और परास्नातक की करीब साढ़े चार हजार सीट के लिए आवेदन लिए जाएंगे। इसके साथ ही बीएलएड, यूजी मैनेजमेंट, बीपीएड-एमपीएड और एमएड का प्रवेश कार्यक्रम जारी किया गया है। लविवि में दाखिले की जिम्मेदारी एक बार फिर से प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा को दी गई है।
बैठक में एलएलबी पांच वर्षीय, बीकॉम ऑनर्स, बीकॉम, बीसीए, बीवॉक, बीएससी मैथ, बीएससी बायो, बीबीए-एमबीए पांच वर्षीय, बीएलएड, एमएड, एमबीए की प्रवेश काउंसलिंग पिछली बार की तरह ऑनलाइन कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के साथ ही दो कॉलेज के प्राचार्य और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रदेश समिति की बैठक में तय किया गया आवेदन का कार्यक्रम
जानिए, किस विषय के लिए कब करना है आवेदन
विषय यूजी यूजी-मैनेजमेंट बीएलएड पीजी बीपीएड-एमपीएड एमएड
ऑनलाइन आवेदन 16 मार्च 16 मार्च 16 मार्च 16 मार्च 16 मार्च 16 मार्च
अंतिम तारीख 10 अप्रैल 10 अप्रैल 10 अप्रैल 25 अप्रैल 15 मई 15 मई
विलंब शुल्क के साथ 15 अप्रैल 15 अप्रैल 15 अप्रैल 30 अप्रैल 20 मई 20 मई
प्रवेश पत्र जारी 22 अप्रैल 20 अप्रैल 20 अप्रैल 01 मई 25 मई 25 मई
प्रवेश परीक्षा 28 अप्रैल 28 अप्रैल 28 अप्रैल 20 मई 3 जून 3 जून
से 8 मई से 8 मई से 8 मई से 30 मई से 15 जून से 15 जून
दो पाठ्यक्रमों पर लगा ताला
आवेदन फीस
कार्यक्रम सामान्य/ओबीसी एससी/एसटी
सामान्य-विलंब शुल्क सामान्य-विलंब शुल्क
स्नातक 800-1800 400-1400
यूजी मैनेजमेंट 1000-2000 500-1500
परास्नातक 1000-2000 500-1500
बीएलएड 1600-2600 800-1800
बीपीएड-एमपीएड 1600-2600 800-1800
एमएड 1600-2600 800-1800
सर्टिफिकेट 500-500 500-500
लखनऊ विश्वविद्यालय ने इस साल दो पाठ्यक्रम टोटल क्वॉलिटी मैनेजमेंट और एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स के आवेदन फॉर्म नहीं मांगने का फैसला किया है। इन कोर्सेज में पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी न मिलने से इन्हें पिछले साल भी बंद करना पड़ा था।