गोली कैसे चल सकती है
कल्पना तिवारी ने कहा, प्रशांत एक ट्रेंड सिपाही था, उससे गलती से गोली कैसे चल सकती है? दोनों सिपाही मौके पर मौजूद थे, इसलिए दूसरे को बरी करना भी गलत है। मैं अपने बच्चों को क्या जवाब दूंगी। यदि अदालत फांसी की सजा नहीं देती, तो कम से कम आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए थी।
ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि 28 सितंबर 2018 की रात लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में विवेक तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। वह अपनी कार से जा रहे थे, तभी पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया था। घटना के बाद सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों को बाद में पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।