अपना दल में राष्ट्रीय महासचिव के पद से अनुप्रिया पटेल को हटाने का विरोध शुरू हो गया है। शनिवार को अनुप्रिया के समर्थकों ने लालबाग स्थित अपना दल कार्यालय में बैठक कर राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल की कार्रवाई को गलत बताया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अपना दल विधि मंच के अध्यक्ष तेज बली सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को पार्टी के संविधान का ज्ञान नहीं है।
उन्होंने कहा, जब भी किसी राष्ट्रीय पदाधिकारी को हटाया जाता है तो आरोपित पदाधिकारी को कारण बताओ नोटिस दिया जाता है। जवाब मिलने पर यह मामला अनुशासन समिति के पास जाता है।
इसके बाद समिति के सदस्य अपनी आख्या अनुमोदन के साथ राष्ट्रीय समिति को सौंपेंगे। इसके बाद बहुमत के आधार पर राष्ट्रीय पदाधिकारी पर कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा जाता है।
लेकिन इस मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मनमानी की है। अनुप्रिया को अचानक पद से बर्खास्त करना पार्टी संविधान के खिलाफ है। इस निर्णय का बैठक में विरोध किया गया। बैठक का संचालन मीडिया सचिव दिनेश शुक्ला ने किया।
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र प्रसाद पाल, नील रतन पटेल, धर्मराज पटेल, अवध नरेश वर्मा, चन्द्र प्रताप पटेल, करुणा शंकर पटेल सहित काफी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
शनिवार को राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर के कुछ पदाधिकारियों ने एक बैठक बगैर मेरी जानकारी के की है। इसकी मैं निंदा करती हूं। बिना मेरी जानकारी के बैठक बुलाना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। यह बैठक पूरी तरह असंवैधानिक है। इसको मैं सिरे से खारिज करती हूं।