जब तक लक्ष्य प्राप्प्त न हो लड़ना मत बंद करो।
देश के पूर्व राष्ट्रपति व मिसाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने जब ये बात कही तो जोश से भरे छात्रों ने भी इनको दोहराकर जीवन में अमल करने का संकल्प लिया।
मौका था कॉल्विन ताल्लुकदार्स कॉलेज के वार्षिक कार्यक्रम दरबार-डे का। कॉलेज के 125 वर्ष पूरे होने पर मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाने डॉ. कलाम मौजूद थे।
इस दौरान लविवि में एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र मिलिंद राज ने डॉ. कलाम के सामने अपने क्वाड कॉप्टर ड्रोन मॉडल का प्रदर्शन किया।
जैसे ही ड्रोन हवा में गया उसमें लगा तिरंगा लहराने लगा जिस पर लिखा था वेलकम डॉ. एपीजे कलाम। अपने इस विशेष स्वागत और मिलिंद के इस कॉप्टर की डॉ. कलाम ने सराहना की।
मिलिंद ने बताया कि उसने इस मशीन को लगभग तीन माह में तैयार किया और फिर डॉ. कलाम को ई-मेल के माध्यम से संपर्क कर इसके बारे में बताया। तभी डॉ. कलाम ने मिलिंद को मेल पर जवाब दिया कि वह जब लखनऊ आएंगे तो उसके इस कॉप्टर को जरूर देखेंगे।
मिलिंद ने बताया कि वह इंजीनियरिंग या साइंस नहीं बल्कि लॉ का छात्र है। वह बस बताना चाहता है कि यदि व्यक्ति में चाह हो तो कुछ भी कर सकता है।