राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता और राजनेता चिरंजीवी के बयान पर कहा कि उन्हें अपने घर की महिलाओं से सबसे पहले माफी मांगनी चाहिए। वो भी किसी मां से ही पैदा हुए हैं। उनका घर संभालने वाली एक मां ही हैं। बता दें कि चिरंजीवी ने एक बयान दिया था कि "जब मैं घर पर होता हूं, तो मुझे नहीं लगता है कि मैं पोतियों से घिरा हुआ हूं। मुझे लगात है कि मैं तो हॉस्टल वार्डन हूं, जो कई सारी औरतों से घिरा हुआ हूं। मैं रामचरण से कहता हूं कि कुछ नहीं कम से कम एक बेटा हो जो हमारी विरासत को आगे बढ़ाए।''
अपने इस बयान से वह सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हो रहे हैं। यूजर्स उनसे कह रहे हैं कि 2025 में भी वह लड़का और लड़की का भेद कर रहे हैं। वहीं, अपर्णा यादव ने भी उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगने की अपील की है। अपर्णा यादव गुरुवार को एकदिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंचीं थीं। जहां उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब दिया।
उन्होंने जिले के वृद्धा आश्रम पहुंचकर वहां पर वृद्धजनों का हाल जाना। इसके साथ ही वहां पर उन्होंने वृद्धजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को भी सुना। इसके बाद महिला आयोग की उपाध्यक्ष जिला अस्पताल पहुंची जहां पर उन्होंने एमएनसीयू वार्ड के साथ अन्य वार्डों का निरीक्षण कर मरीजों से मुलाकात की साथ ही उन्हें दवाइयों की किट भी सौंपी।
जिला अस्पताल के बाद महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय गौरीगंज का निरीक्षण किया। सभी स्थानों का निरीक्षण कर उन्होंने सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मेरा दूसरा निरीक्षण है। अभी मैं वृद्धा आश्रम गई थी। वहां पर मुझे यह जानकर खुशी हुई की वृद्धजनों को पेंशन मिल रही है। सरकार लगातार अपना काम कर रही है। यहां का एक रास्ता खराब है उसके लिए मैं सरकार से बात कर उस रास्ते को सही कराऊंगी जिससे आने वाले मरीजों को दिक्कतें न हो।