लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का 15वां दीक्षांत समारोह 10 सितंबर को कलामंडपम प्रेक्षागृह में मनाया जाएगा। 17 विद्यार्थियों को कुल 40 पदक दिए जाएंगे, जिनमें 25 स्वर्ण, सात रजत व आठ कांस्य पदक होंगे। सबसे ज्यादा आठ स्वर्ण पदक कथक नृत्य में एमपीए की छात्रा अंशिका कटारिया को मिलेंगे।
बीपीए (तबला) के छात्र शिवम कुमार को पांच स्वर्ण पदक मिलेंगे। कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने शनिवार को विवि के जयशंकर सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी और मुख्य अतिथि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे मुख्य अतिथि होंगे। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और राज्यमंत्री उच्च शिक्षा रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि होंगे।
कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन ने बताया कि कुल 140 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी जाएंगी, जिनमें से 75 छात्राएं होंगी। स्नातक में नौ विद्यार्थियों को डिग्रियां मिलेंगी, जिनमें से पांच छात्राएं होंगी। परास्नातक में 62 छात्राओं और 60 छात्रों को डिग्री मिलेगी। पीएचडी के नौ विद्यार्थियों को डिग्री मिलेगी, जिनमें से आठ छात्राएं हैं। दीक्षांत समारोह की संयोजक डॉ. रुचि खरे ने बताया कि छात्रों का ड्रेस कोड सफेद कुर्ता-पायजामा व छात्राओं के लिए लाल बार्डर की सफेद साड़ी रहेगी।
दो नए पदक किए गए शामिल
प्रो. मांडवी ने बताया कि कि इस बार दीक्षांत समारोह में दो नए मेडल शामिल किए गए हैं। इनमें मां उमा प्रभाकर अवॉर्ड पहली बार बीपीए (गायन) की छात्रा स्वर्णिमा वर्मा को दिया जाएगा। इसे भातखंडे विवि की पूर्व शिक्षिका डॉ. सीमा भारद्वाज ने मां के नाम से स्पॉन्सर किया है। पहली बार बीएनए के किसी छात्र को स्वर्ण पदक की घोषणा की गई है। एमडीए (नाट्यकला) के छात्र देवांश प्रसाद को पहला पद्मश्री प्रो. राज बिसारिया स्वर्ण पदक मिलेगा।
प्रतियोगिता के विजेता भी होंगे सम्मानित
कुलसचिव ने बताया कि विवि की ओर कराई गईं निबंध, काव्य लेखन, भाषण, चित्रकला, देशभक्ति गीत व लोकनृत्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। विवि की ओर से गोदग्राम कठिगरा, बेलवा, शक्करखेड़ा, बरगदताला, मलिहाबाद व सरोसा भरोसा में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक व इंटर कॉलेज स्तर के विद्याथियों के बीच कराई गईं प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित होंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों में कराई गईं प्रतियोगिताओं के बच्चों को भी राज्यपाल सम्मानित करेंगी।
इन होनहारों को मिलेंगे पदक
1- अंशिका कटारिया, एमपीए (कथक नृत्य) : राय उमानाथ बली मेधा स्वर्ण पदक, युवा आदित्य रंजन स्वर्ण पदक, लीला वामन राव सडोलीकर स्वर्ण पदक, डॉ. समर बहादुर सिंह स्वर्ण पदक, सरला श्रीवास्तव स्वर्ण पदक, मोहनराव कल्याणपुरकर स्वर्ण पदक, पद्मभूषण सरोजा वैद्यनाथन स्वर्ण पदक।
2- वैभवी, एमपीए (कथक नृत्य) : श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर रजत पदक, पं. भातखंडे रजत पदक
3- अभय सिंह, एमपीए (गायन) : वामन राव सडोलीकर स्वर्ण पदक, शीला सक्सेना स्वर्ण पदक, डॉ. सुरेंद्र कुमार सक्सेना स्वर्ण पदक, श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर कांस्य पदक।
4- शिवम कुमार, बीपीए (तबला) : पुतलीबाई स्वर्ण पदक, श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर एवं इंदिरा बाई रातंजनकर स्वर्ण पदक, पद्मविभूषण पं. किशन महाराज स्वर्ण पदक, सदाशिव राव स्वर्ण पदक, चंटू लाल स्वर्ण पदक।
5- स्वर्णिमा वर्मा, बीपीए (गायन) : पं. घनारंग प्रकाश स्वर्ण पदक, शिशिर कुमार स्वर्ण पदक, कुसुम वर्मा स्वर्ण पदक, मां उमा प्रभाकर अवॉर्ड, श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर कांस्य पदक।
6- शिवांशी श्रीवास्तव, बीपीए (गायन) : पं. भातखंडे रजत पदक, पं. श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर कांस्य पदक।
7- याशिका गौड़, एमपीए (गायन) : भातखंडे रजत पदक
8- सहज उपाध्याय, एमपीए (गायन) : भातखंडे कांस्य पदक
9- ओंकार तिवारी, बीपीए (गायन) : भातखंडे कांस्य पदक
10- मनसा तिवारी, बीपीए (गायन) : भातखंडे कांस्य पदक
11- राजर्षि मिश्रा, एमपीए (तबला) : पं. सखाराम मृदंगाचार्य स्वर्ण पदक, स्वामी पागलदास मृदंगाचार्य स्वर्ण पदक।
12- गौरव मिश्रा, एमपीए (तबला) : पं. भातखंडे रजत पदक
13- सक्षम श्रीवास्तव, (एमपीए तबला) : पं. भातखंडे कांस्य पदक
14- अमित कुमार, बीपीए (तबला) : पं. भातखंडे रजत पदक
15- प्रशांत भारती बीपीए (तबला) : पं. भातखंडे कांस्य पदक
16- अनंत शर्मा, एमपीए (भरतनाट्यम) : श्रीमती बासंती सुब्रहमणियम स्वर्ण पदक, पं. भातखंडे कांस्य पदक, के. मुत्तुकुमारन पिल्लै स्वर्ण पदक।
17- देवांश प्रसाद, एमडीए (नाट्यकला) : पद्मश्री प्रो. राज बिसारिया स्वर्ण पदक।
विलक्षण प्रतिभा की धनी हैं अंशिका
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देश के प्रतिष्ठित आयोजनों के साथ ही दुबई एक्सपो में भी दे चुकी हैं प्रस्तुति
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। आठ गोल्ड मेडल अपने नाम करने वालीं अंशिका कटारिया विलक्षण प्रतिभा की धनी हैं। वे न सिर्फ कथक नृत्य में पारंगत हैं, बल्कि भरतनाट्यम, शास्त्रीय गायन और तबले में भी विशारद हैं। वे संगीत और नृत्य को समर्पित पब्लिकेशन हाउस भी चलाती हैं। अब तक पांच किताबें प्रकाशित कर चुकी हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में अंशिका ने बताया कि वे चार वर्ष की उम्र से नृत्य की शिक्षा ले रही हैं। इसकी शुरुआत राष्ट्रीय कथक संस्थान से की थी। खास बात यह है कि उनके परिवार से कोई भी संगीत के क्षेत्र में नहीं है।
अंशिका के पिता अजय कुमार का ड्राई क्लीनिंग का व्यवसाय है और मां रचना गृहिणी हैं। बड़ा भाई आकाश बंगलूरू में आईटी क्षेत्र में काम कर रहा है। अंशिका ने आठ स्वर्ण पदक पाने का श्रेय गुरुओं को दिया। उन्होंने पंडित राममोहन महाराज, डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव और डॉ. रुचि खरे से नृत्य की शिक्षा ली। उन्हें पीएचडी करने के साथ परफॉर्मिंग आर्ट में बढ़ना है। देशभर में प्रतिष्ठित समारोहों का हिस्सा बन चुकीं अंशिका दुबई एक्सपो में भी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। पिछले वर्ष उन्हें नटवर गोपीकृष्ण अवॉर्ड मिला तो संगीत मिलन की ओर से नृत्यश्री अवॉर्ड भी दिया गया।