- धनंजय प्रयागराज में पुराने मामले की जमातन तुड़वाकर पहुंचा कोर्ट, भेजा गया जेल
- शिवेंद्र ने गैंगवार में सीजेएम लखनऊ की कोर्ट में शुक्रवार दोपहर को किया गया सरेंडर
विभूतिखंड के कठौता गैंगवार में 6 जनवरी को मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस की विवेचना में जौनपुर के पूर्व सांसद व बाहुबली धनंजय सिंह का नाम सामने आया। उन पर साजिश रचने का आरोप लगा है। वहीं इस वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों में शामिल शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर है। दोनों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया। पूर्व सांसद ने जहां पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर प्रयागराज के जिला न्यायालय में समर्पण किया। वहीं शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर ने सीजेएम लखनऊ की कोर्ट में समपर्ण कर दिया। कोर्ट ने दोनों न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। दोनों पर कमिश्नरेट पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर 6 जनवरी को हुए गैंगवार में मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह को गोलियों से भून डाला गया था। अजीत पर 6 शूटरों ने अजीत पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी। पुलिस की पड़ताल में इस मामले में अब तक दो चिकित्सक सहित 15 लोगाें के नाम सामने आये। इसमें 6 शूटरों के अलावा मददगार भी शामिल हैं। लखनऊ पुलिस ने शार्प शूटर संदीप सिंह उर्फ बाबा को गिरफ्तार किया है। वहीं गिरधारी को दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया था। गिरधारी 14 फरवरी को पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान असलहा बरामदगी के लिए जाते समय भागने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में गिरधारी मारा गया। पुलिस ने इस वारदात में शामिल चार शूटरों व मददगारों की तलाश तेज कर दी थी। पुलिस ने शुरूआती पड़ताल के बाद फरार शूटरों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। फरार शूटरों में शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर, मुस्तफा उर्फ बंटी, राजेश तोमर उर्फ जय और रवि यादव शामिल था। पुलिस ने बाद में मुस्तफा, राजेश तोमर व रवि यादव पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार कर दिया। वहीं इस वारदात में शामिल बदमाशों की मदद करने वालों की भी पुलिस ने तलाश शुरू की। एक मददगार बंधन उर्फचंदन ने आजमगढ़ कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहीं पूर्व सांसद का करीबी व घायल शूटर का इलाज कराने वाला विपुल सिंह फरार है। पुलिस को उसकी तलाश है।
18 मार्च तक भेजा गया जेल
गैंगवार में अजीत की हत्या में शामिल शूटर शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर ने शुक्रवार को सीजेएम सुशील कुमारी के कोर्ट में समर्पण किया। दोपहर करीब एक बजे वह पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में पहुंच गया। उसके वकीलों ने सीधे सीजेएम सुशील कुमारी के सामने पेश किया। वहां अर्जी पर सुनवाई के दौरान कुछ सवाल किये। इसके बाद उसे 18 मार्च तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह को प्रयागराज सिविल कोर्ट में सुनवाई के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी जेल भेज दिया गया है।
वारदात के वक्त तीन दो व एक चार पहिया वाहन का हुआ प्रयोग
पुलिस के मुताबिक वारदात के वक्त वह शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर के साथ बाइक से गया था। वहीं राजेश तोमर उर्फ जय व बंटी उर्फ वीरू उर्फ राजेश उर्फ मुस्तफा एक बाइक से थे। गिरधारी उर्फ डॉक्टर दूसरे साथी रवि यादव के संग स्कूटी से कठौता के उदय टावर पहुंचा था। सभी अजीत की बुलेट प्रुफ एसयूवी का काफी देर तक पीछा करते हुए उदय टावर पहुंचे थे। बंधन भी अपनी लाल डस्टर कार से मौजूद था। वहां पर पहुंचने के बाद अजीत सिंह व मोहर सिंह एसयूवी से नीचे उतरकर सामान लेने चले गये। इसके बाद दोनो बाइक व स्कूटी को खड़ी कर अजीत का इंतजार करने लगे। अजीत व मोहर सामान खरीदकर अपनी एसयूवी की तरफ जाने लगे। इसी बीच सभी ने मिलकर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जिसमें अजीत की मौत हो गई। मुख्य शूटर गिरधारी व रवि वहां से स्कूटी से निकल गये। वहीं अन्य चारों संदीप सिंह बाबा, शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर, राजेश तोमर उर्फ जय, बंटी उर्फ वीरू चारों अपनी बाइक से कमता बस स्टेशन पर पहुंचे। वहां अपनी बाइक छोड़कर बंधन की लाल डस्टर से निकल गये थे। शहीद पथ होते हुए अलकनंदा अपार्टमेंट पहुंचे थे। वारदात में घायल राजेश तोमर का इलाज अंकुर व विपुल ने अलकनंदा अपार्टमेंट में कराया गया। वहां हालत गंभीर होने के बाद उसे सुल्तानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां तीन दिनों तक इलाज चला। वहां से राजेश तोमर नोएडा जाकर किसी अस्पताल में इलाज करा रहा है।
अंकुर ने ही लिया था किराए पर दो फ्लैट
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने केलिए शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर ने अलकनंदा अपार्टमेंट में दो फ्लैट किराए पर लिया था। इसमें एक फ्लैट व्यापारी का है। दूसरा बैंक अधिकारी का। पुलिस के मुताबिक दोनों फ्लैट के किराएदारी एग्रीमेंट में अंकुर का आधार कार्ड व नाम पता दर्ज हैं। दोनों फ्लैट अंकुर ने ही किराए पर लिया था। इस फ्लैट में संदीप सिंह बाबा, राजेश तोमर, बंटी उर्फ वीरू, अंकुर, रवि यादव रहते थे। गिरधारी वहां कभी कभी आता था। उसने व अन्य शूटरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद सभी असलहे अंकुर को सौंप दिया था। उसी ने उसे छिपाया था। पुलिस ने अलकनंदा अपार्टमेंट के पी ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर 1102 से पिस्तौल व पांच कारतूस बरामद किया था।