गोंडा जिले के कई गांवों में जंगली जानवरों के आतंक से लोग कांप रहे हैं। सुरक्षा चिंता में लोग हांफ रहे हैं, रतजगा भी कर रहे हैं। जो जंगली जानवर हमले कर रहा है उसे भेड़िया जैसा गांव के लोग मानकर सहमे हैं। इससे इतर वन विभाग बातों से अधिक कुछ नहीं कर रहा है।
तरबगंज के रंगधारपुरवा में घटना के तीसरे दिन भी जानवर की न तो पहचान हुई और न ही कोई सुरक्षा के इंतजाम हुए। इसी बीच नवाबगंज के लौव्वावीरपुर में जंगली जानवर बकरी को उठा ले गया। स्थानीय लोग भेड़िया बता रहे हैं, बस वन विभाग के गले बात नहीं उतर रही है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के लौवावीरपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के निकट मंहगूपुर निवासी रामलौटन यहां बालू टीले पर छप्पर रख निवास करते हैं। उनकी पत्नी घर के अंदर थी। बाहर बकरियां खूंटे पर बंधी हुई थी।
सोमवार की सुबह करीब 9 बजे बकरियों के चिल्लाने पर जब वह बाहर निकली तो देखा भेड़िया जैसा दिखने वाला एक बकरी लेकर भाग रहा था। अकेली होने के नाते वह कुछ कर भी नहीं पाई। महिला का कहना है कि दो महीने पहले भी इनकी एक बकरी का बच्चा भेड़िया उठा ले गया था। पास ही मूंजे की झाड़ियां हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अक्सर भेड़िया जैसा जानवर यहां दिखाई भी पड़ता है। वन विभाग को सूचना दी गयी थी। मगर देखकर वापस चले गए उसके बाद आज तक कोई नहीं आया। उधर प्रभागीय वनाधिकारी पंकज शुक्ल बहराइच ड्यूटी की बात कह स्थानीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के भरोसे हैं। वह जिले में भेड़िया के न होने की बात कह रहे। जनता को सतर्क करने से आगे विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है।