अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी।
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अमेठी सांसद व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि कुपोषण को दूर भगाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सबसे अधिक सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि कुपोषण की गंभीर समस्या से राष्ट्र संघर्ष करता रहा। आंगनबाड़ी स्थापित करने का निर्णय 1970 के दशक में लिया गया था किन्तु सत्य यह है कि धरातल पर आंगनबाड़ी में चाहे शौचालय की व्यवस्था हो, बिजली की व्यवस्था हो अथवा बच्चे की हाईट व वजन मापने का कार्य हो, कोई भी ऐसी व्यवस्था पूर्ण रुप से तब मिल पाई जब देश में मोदी की सरकार बनी।
उन्होंने पीएचसी में कहा कि दो वर्ष पहले शुरू हुई मातृ वंदना योजना के तहत केवल अमेठी में ही मोदी सरकार ने 40 हजार गर्भवती महिलाओं के खाते में सीधे 14 करोड़ रुपये भेजने का काम किया हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई एक परिवार कुपोषित हो तो मेरा यह सौभाग्य होगा कि मैं उसे गोद लेकर उसकी अच्छी परवरिश करुं। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद डीएम अमेठी अरूण कुमार से जिले के हर आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण वाटिका के निर्माण का प्रस्ताव रखा, जिसे डीएम ने वही मंजूरी दे दी।
इससे पहले सांसद अमेठी स्मृति ईरानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, तत्पश्चात अस्पताल में लगाये गए कोविड हेल्प डेस्क, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना रजिस्ट्रेशन, परिवार नियोजन डेस्क, पोषण स्टालों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम में मौजूद दर्जन भर गर्भवती महिलाओं को फल की टोकरी भेंट की।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह, पालिकाध्यक्ष महेश प्रताप सोनकर, जिलाधिकारी अमेठी अरुण कुमार,एसपी अमेठी दिनेश कुमार सिंह, सीएमओ आशुतोष दुबे, एसडीएम तिलोई सुनील कुमार सिंह,सीओ डा अजय कुमार सिंह, सीएचसी अधीक्षक डॉ. एचपी यादव सहित तमाम लोग मौजूद थे।