मुठभेड़ में ढेर अनीस और अस्पताल के बाहर तैनात पुलिस
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वहीं, मुख्य आरोपी अनीश के पीछे पुलिस की एक टीम लगी हुई थी। शुक्रवार भोर करीब पांच बजे टीम ने आरोपी अनीश को थाना पूराकलंदर के ग्राम पारा कैल के पास घेर लिया। अपने को घिरा देख अनीश ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में अनीश के सीने व पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, बदमाशों की गोली लगने से थाना पूराकलंदर प्रभारी रतन कुमार शर्मा भी घायल हो गए। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने अनीश के पास से एक पिस्टल, कारतूस, बाइक, बैग आदि बरामद किया है।
ध्यान रहे कि 30 अगस्त की सुबह सुलतानपुर में तैनात महिला मुख्य आरक्षी सुमित्रा पटेल अयोध्या रेलवे स्टेशन पर मनकापुर से पहुंची सरयू एक्सपेस ट्रेन में गंभीर रूप से घायल मिलीं थी। उसके सिर, गले व मुंह पर तेज धारदार हथियार से गहरे निशान थे। उसका अभी भी गंभीर हालत में लखनऊ में इलाज चल रहा है। मामले में अयोध्या कैंट जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। बाद में घटना की जांच यूपी एसटीएफ के हवाले कर दी गई थी। पीड़िता सिपाही करीब 10 दिनों तक बयान देने की हालत में नहीं थी, इसके चलते ट्रेन में उसके साथ क्या हुआ पता नहीं चल रहा था। हालांकि मेडिकल जांच में उसके साथ लैंगिंक अपराध न होने की पुष्टि हुई थी।
अयोध्या महिला कांस्टबेल मामले में मुख्य आरोपी ढेर
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मनकापुर से अयोध्या व सुल्तानपुर तक अपराध की कड़ियां सहेज रही एसटीएफ को सफलता तब मिली जब उसने घटना के कुछ आरोपियों की पहचान कर ली। बताया जाता है कि इन आरोपियों की पहचान स्वयं पीड़िता आरक्षी ने भी की थी। इसके बाद से इन्हें पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई थी। एसपी रेलवे पूजा यादव, एसपी सिटी मधुबन सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने जब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि तीनों ने महिला आरक्षी को ट्रेन में अकेला देखकर उस पर लूटपाट की नीयत से हमला किया था। लेकिन महिला आरक्षी ने उनका मुकाबला किया। लेकिन बाद में तीनों ने मिलकर उस पर हमला किया, खिड़कियों से सिर टकराया व उसे मृत समझकर छोड़ दिया। अयोध्या ट्रेन पहुंचने से पहले वह ट्रेन की गति कम होने पर नीचे उतर कर अलग अलग दिशा में फरार हो गए।
स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार।
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अयोध्या में सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में महिला मुख्य आरक्षी पर जानलेवा हमला करने की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को डीजीपी मुख्यालय ने एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे। बता दें कि इस घटना की विवेचना एसटीएफ कर रही थी।
स्पेशल डीजी ने बताया कि बीते साढ़े छह वर्ष की अवधि में पुलिस ने प्रदेश के 190 शातिर अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। वहीं, मुठभेड़ के दौरान 16 पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए। पुलिस ने 24,362 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस दौरान 5545 अपराधी और 1475 पुलिसकर्मी घायल हुए। सबसे ज्यादा 65 अपराधी मेरठ जोन में ढेर किए गए हैं। इसके बाद वाराणसी जोन में 20, आगरा जोन में 14 और लखनऊ जोन में 12 अपराधी मुठभेड़ के दौरान मारे जा चुके हैं।