लखनऊ। नगर निगम की सफाई व्यवस्था देखने के लिए मंगलवार को आंध्र प्रदेश के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग के मंत्री पी. नारायण लखनऊ पहुंचे। उन्होंने स्मार्ट सिटी कार्यालय, सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले ई वाहनों एवं शिवरी प्लांट का निरीक्षण किया।
दरअसल, आंध्र प्रदेश के मंत्री के साथ स्वच्छ आंध्र निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का दल भी लखनऊ पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल में ओएसडी गोपीनाथ, स्वच्छ आंध्र निगम के चेयरमैन के. पत्ताभिराम, नगरपालिका प्रशासन आयुक्त डॉ. पी. संपत कुमार आदि उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने विनीतखंड के पीसीटीएस सेंटर का निरीक्षण किया। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन ई-वाहनों और सड़क सफाई की मशीनें देखीं। वाहनों की क्षमता, चार्जिंग की सुविधा और रखरखाव की भी जानकारी ली।
इसके बाद स्मार्ट सिटी कार्यालय में सफाई व्यवस्था पर एक प्रस्तुति दी गई। महापौर सुषमा खर्कवाल के नेतृत्व में शिवरी प्रोसेसिंग प्लांट का भी दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली व अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया को समझा। देखा कि कैसे गीले कचरे से खाद और सूखे कचरे से ईंधन बनाया जाता है। इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने मोहनलालगंज स्थित निर्माण व ध्वस्तीकरण कचरा प्रोसेसिंग प्लांट भी देखा। यह प्लांट रोजाना 300 टन मलबे को रिसाइकल करता है। महापौर ने बताया कि पहले जो मलबा सड़कों और फुटपाथों पर जमा हो जाता था, अब उसे उपयोगी सामान में बदला जा रहा है।
आंध्र में लागू करेंगे लखनऊ मॉडल
आंध्र प्रदेश के मंत्री पी. नारायण ने कहा कि हम लखनऊ नगर निगम की विभिन्न एक्टिविटी का इस्तेमाल आंध्र को स्वच्छ बनाने में करेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट और लिगेसी वेस्ट पर यहां अच्छा काम किया जा रहा है। राजधानी अमरावती को बनाया जा रहा है, इसलिए उसे स्वच्छ रखने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी पम्मी के साथ नगर आयुक्त भी उपस्थित रहे।