समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में पुलिस पर लगातार हमले हो रहे हैं। सत्ता से संरक्षण पाए अपराधियों का जनता को संदेश है, 'तुम्हें अब हमसे कोई नहीं बचा सकता'। सत्ता के अपराधीकरण ने प्रदेश में असुरक्षा की भावना जगा दी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में सत्ता व अपराध का गठजोड़ उस वीभत्स दौर में हैं, जहां न तो पुलिस को मारने वाले दुर्दांत अपराधी पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही उस अधिकारी पर जिसकी संलिप्तता का प्रमाण जगजाहिर है। ऐसे में तथाकथित निष्पक्ष जांच भी उनसे करवाई जा रही है, जो खुद कठघरे में हैं। उन्होंने कहा कि अक्षम नेतृत्व के कारण प्रदेश बुरी तरह संकटग्रस्त है। मामला चाहे कोरोना का हो, भ्रष्टाचार का या कानून के राज का, सभी नियंत्रण से बाहर है। चारों तरफ अराजकता व्याप्त है, जनता का बुरा हाल है। क्या यही अच्छे दिन है?
अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री दावा करते नहीं थकते कि उनके राज में अपराधी डरे हुए हैं, ज्यादातर जेलों में हैं। लेकिन, सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार और उसकी पुलिस के पास तो इलाकों के मोस्ट वांटेड की सूची तक नहीं है। कानपुर के अपराधी की तो क्राइम हिस्ट्री को दरकिनार कर उसका नाम ही टॉप टेन अपराधियों की सूची से बाहर कर दिया गया था।
अलीगढ़ में पुलिस चौकी में घुसकर हमला
सपा अध्यक्ष ने कहा कि कानपुर के बिकरू कांड की आग अभी बुझी भी नहीं कि अलीगढ़ की तेबथू पुलिस चौकी के भीतर घुसकर पुलिस पर हमला हो गया। सुल्तानपुर जिले में 24 घंटे में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई। सोमवार शाम बदमाशों ने रामपुर निवासी विनय शुक्ल को गोलियों से छलनी कर दिया। बलिया में तैनात पीसीएस अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय का खुद के खिलाफ हो रहे षडयंत्र से हारकर आत्महत्या करना कई सवाल खड़े करता है।