बुलिंग की शिकार कब हुई और कैसा लगा था? इस सवाल के जवाब में अनन्या ने कहा कि मैं महज 15 साल में इसका शिकार हुई। किसी ने कहा अस्पताल में भर्ती होकर इलाज की जरूरत है तो किसी ने जीता जागता कंकाल तक कह दिया। मैं बहुत मोटी चमड़ी की हूं, फर्क नहीं पड़ा, लेकिन तय कर लिया कि साइबर बुलिंग से लड़ूंगी।
दरअसल लोग जानते या समझते ही नहीं कि उनके कमेंट्स से किसी की इमेज पर कितना असर पड़ता है। कुछ लोग बहुत सेंसेटिव होते हैं, वे दिल पर भी ले लेते हैं।
पिज्जा खाते फोटो पोस्ट करना पसंद है
सोशल मीडिया किसी के भड़ास निकालने की जगह नहीं है। मैं इसका ‘फिल्टर्ड वर्जन’ लोगों के सामने लाना चाहती हूं। मैं इंस्टाग्राम पर हूं। मुझे अपने दोस्तों के साथ चिल करते, पिज्जा खाते फोटो पोस्ट करना बहुत पसंद है। सोशल मीडिया ने मुझे प्यार दिया, यह बुरा नहीं है। मैं चाहती हूं यह सोचकर कि कोई बुली करेगा, किसी को भी इससे दूर होने की जरूरत नहीं।
आईटी कॉलेज में अनन्या पांडेय।
- फोटो : amar ujala
उन्होंने बुलिंग से बचने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि सबसे पहले तो अपनी प्राइवेसी मेंटेन रखिए। मेरा भी प्राइवेट अकाउंट था, लेकिन बालीवुड में एंट्री के साथ ही मेरा अकाउंट पब्लिक कर दिया गया, लेकिन अपनी लोकेशन को कभी पब्लिक मत कीजिए।
बुलिंग करने वालों को ब्लॉक करने के बजाय उन्हें अनदेखा करें। एक दिन खुद ही वे आपको तंग करना बंद कर देंगे। सोशल मीडिया पर डिबेट कीजिए, लेकिन हेल्दी हो वो।
अनन्या ने ये भी कहा
-कोई ट्रोलर तय नहीं करेगा कि आपको-हमें क्या करना है। आपको अपनी बात सोशल मीडिया पर रखने का विनम्रता के साथ रखने का पूरा हक है।
-साइबर बुलिंग का शिकार कोई भी हो सकता है। लड़के-लड़कियां, स्टॉर या फिर कॉमन पीपल किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है।