अधीक्षिका मंजू वर्मा ने राज्यपाल को बताया कि संस्था में नकद नहीं बल्कि सामग्री के रूप में दान लिया जाता है। राज्यपाल ने संस्था में विशेषज्ञ मनोरोग चिकित्सक व त्वचा रोग विशेषज्ञ का दौरा करवाने व स्पेशल देखरेख वाले बच्चों के लिए मानसिक व शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए उपकरणों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डीएम कौशल राज शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडेय, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कुलदीप रंजन व सदस्य सुधा रानी के अलावा संस्था के कर्मचारी उपस्थित रहे।
छात्राओं को बचाने के लिए उफनती नर्मदा में कूद पड़ी थीं आनंदीबेन
यूपी का राज्यपाल बनने के पहले ही दिन वे निराश्रित बच्चों से मिलने पहुंच गईं। वैसे, बच्चों से उनका गहरा लगाव रहा है। बात वर्ष 1987 की है जब वे अहमदाबाद के मोहिनीबा कन्या विद्यालय में प्रधानाचार्य थीं। स्कूल पिकनिक के दौरान दो छात्राएं नर्मदा नदी में गिर गईं। उन्हें डूबता देख आनंदीबेन भी उफनती नदी में कूद पड़ीं और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लाईं। इसके लिए उन्हें गुजरात सरकार ने वीरता पुरस्कार से नवाजा।
यह खबर अखबारों में छपी तो नरेंद्र मोदी (अब प्रधानमंत्री) ने उन्हें भाजपा से जुड़ने और महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए मनाया। आनंदीबेन कई मौकों पर इसका जिक्र कर चुकी हैं।