सरयू में पूजन करते मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
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प्रतीकों से संदेश और सरोकारों पर संकल्प। मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ की पहली अयोध्या यात्रा का निचोड़ यही है। अयोध्या यात्रा से एक दिन पहले लखनऊ में विवादित ढांचा ध्वंस मामले के आरोपी लालकृष्ण आडवाणी की अगवानी व स्वागत।
पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरबहादुर सिंह की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में यह कहना कि कांग्रेस में रहते हुए भी बतौर मुख्यमंत्री सिंह (वीर बहादुर सिंह) ने अयोध्या में ताला खोलने की स्वीकृति देकर पुण्य का काम किया।
फिर बुधवार को अयोध्या में हनुमान गढ़ी से लेकर श्रीराम जन्मभूमि स्थल व सरयू तट पर जाकर दर्शन-पूजन और हनुमान गढ़ी में एक संत के मंदिर निर्माण के सवाल पर मुस्कुराते हुए यह जवाब, ‘जल्द बनेगा राम मंदिर।’
यह समझने के लिए पर्याप्त है कि योगी का अयोध्या दौरा एक श्रद्धालु का अपने आराध्य के दर्शन-पूजन और मुख्यमंत्री के रूप में कानून-व्यवस्था व फैजाबाद मंडल की विकास कार्यों की समीक्षा तक ही सीमित नहीं था। इस दौरे ने देश व प्रदेश की भावी सियासत की इबारत भी लिखने की कोशिश की है।