लखनऊ। ग्रीन कॉरिडोर योजना के तीसरे चरण में पिपराघाट के पास क्रॉसिंग पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। यह करीब 240 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा। एलडीए ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। सेना से जमीन की अनापत्ति मिलने के बाद अब काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इससे पहले छावनी बोर्ड और रेलवे को भी जानकारी दी जाएगी।
दूसरे फेज के बाद एलडीए इन दिनों पिपराघाट से शहीद पथ के बीच ग्रीन कॉरिडोर योजना के तीसरे चरण पर काम कर रहा है। करीब छह किलोमीटर लंबे इस फेज में कॉरिडोर बनने से कैंट से अयोध्या रोड व कानपुर रोड की ओर जाने वालों को काफी राहत मिलेगी। उनका सफर काफी आसान हो जाएगा।
सड़क का चौड़ीकरण भी होगा
दिलकुशा से ग्रीन कॉरिडोर को जोड़ने वाली सड़क अभी महज नौ मीटर चौड़ी है। एक साल में ग्रीन कॉरिडोर का तीसरे चरण में आवागमन शुरू होने पर इस सड़क पर भी ट्रैफिक का काफी लोड बढ़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए सड़क के चौड़ीकरण का काम आरओबी के साथ किया जाएगा। यह काम अगले साल मार्च से पहले पूरा करने की तैयारी है।
अभी दो चरणों में चल रहा है ट्रैफिक
ग्रीन कॉरिडोर के पहले फेज में आईआईएम रोड से पक्का पुल तक ट्रैफिक दो साल से चल रहा है। इससे दो लाख से अधिक लोगों का आवागमन आसान हुआ है। पहले आईआईएम रोड से पक्का पुल तक आने के लिए दुबग्गा, बालागंज, ठाकुरगंज और चौक के जाम से जूझते हुए आना पड़ता था। अब लोग 10 मिनट में यह सफर तय कर रहे हैं। इसी तरह करीब छह महीना पहले दूसरा चरण शुरू होने से लोग डालीगंज से समतामूलक चौक तक 10 से 15 मिनट में पहुंच जा रहे हैं। पहले यह दूरी तय करने में करीब 30 मिनट लगते थे। इसके साथ ही समतामूलक चौक से आईआईएम रोड, निशातगंज, हनुमान सेतु, डालीगंज, पक्का पुल, केजीएमयू, लखनऊ विश्वविद्यालय, चौक, आईटी चौराहा और परिवर्तन चौक आना-जाना आसान हुआ है।
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कोट
पिपराघाट रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी बनाया जाएगा। तीसरे फेज में आ रही सेना की जमीन पर काम करने के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति मिल गई है। ऐसे में अब क्रॉसिंग पर आरओबी बनाने में समस्या नहीं है। रेलवे और छावनी परिषद को भी काम शुरू करने से पहले जानकारी दी जाएगी।
- प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीए