लखनऊ। महिला मजदूर की दुर्घटना में हुई मौत के मामले में जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग द्वितीय अदालत ने पांच लाख रुपये का इंश्योरेंस क्लेम देने का आदेश दिया है। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को 2020 से प्रति सप्ताह के हिसाब से एक हजार रुपये पेनाल्टी भी देने को कहा है। वाद के दौरान हुए खर्च के लिए कंपनी की ओर से परिवादी को पांच हजार रुपये और मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
तहसील मोहनलालगंज के गांव रसूलपुर समेशी निवासी रामधनी ने अगस्त 2020 में जिला विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय के यहां वाद दायर कर बताया था कि वह और उसकी पत्नी ममता देवी दोनों मजदूर हैं। दो जुलाई 2019 को सड़क हादसे में ममता की मौत हो गई थी और वह प्रदेश सरकार की सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमित थी। रामधनी ने हजरतगंज में नवल किशोर रोड पर स्थित दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, अपर मुख्य सचिव राजस्व और जिलाधिकारी को विपक्षी पार्टी बनाया।
परिवादी का कहना था कि पत्नी की आकस्मिक मृत्यु के बाद बीमित धनराशि पांच लाख रुपये के क्लेम के लिए उसने निर्धारित समयावधि के भीतर दावा पेश किया था। इसके बावजूद दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने न तो दावे का भुगतान किया और न ही कोई जानकारी दी। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग द्वितीय के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी और सदस्य प्रतिभा सिंह ने गत एक दिसंबर को आदेश पारित किया कि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी परिवादी को 30 दिन के भीतर क्लेम की धनराशि पांच लाख रुपये का भुगतान करे।