लखनऊ में मलिहाबाद कस्बे के एक रसूखदार व्यक्ति ने कैंसर पीड़ित बुजुर्ग से 50 लाख रुपये में जमीन का सौदा किया। अग्रीमेंट के बहाने उसे तहसील ले जाकर 50 हजार रुपये थमाए और पत्नी के नाम जमीन का बैनामा करा लिया। धोखाधड़ी से आहत बुजुर्ग ने रिपोर्ट दर्ज कराई और दो दिन बाद सदमे में दम तोड़ दिया।
लाखों की जमीन हड़पे जाने पर पत्नी ने पैरवी शुरू की तो आरोपी उसे धमकाने लगे। महिला ने सीओ से गुहार लगाई है। सीओ प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मोहल्ला समदा तालाब निवासी कैंसर पीड़ित बुजुर्ग चंद्र किशोर ने अपनी जमीन मोहल्ला चौधराना निवासी मुनउल मलिक को तीन हजार रुपये महीने के ठेके पर दे रखी थी।
कुछ दिनों पहले मुनउल ने चंद्र किशोर से एक बीघा जमीन का 50 लाख रुपये में सौदा किया। आरोप है कि 15 दिसंबर को जमीन के अग्रीमेंट के बहाने तहसील ले जाकर 50 हजार रुपये थमाए और स्टांप पर अंगूठा लगवाया। वाहन चालक मुकेश के साथ बैंक भेजा।
चंद्र किशोर ने 40 हजार रुपये खाते में जमा किए और 10 हजार लेकर घर पहुंचा। उसने बेटे संदीप को जमीन का अग्रीमेंट किए जाने की जानकारी दी। संदेह होने पर संदीप ने तहसील में छानबीन की पता चला कि मुनउल मलिक ने अपनी पत्नी अब्बासिया मलिक के नाम बैनामा कराया था।
पत्नी को धमकाने लगे आरोपी
पीड़िता कैसाना
- फोटो : amar ujala
इसमें 13 लाख रुपये में जमीन खरीदे जाने के उल्लेख के साथ लिखा था कि चंद्र किशोर को 2 अगस्त 2016 को तीन लाख, 13 सितंबर 2016 को तीन लाख, 14 दिसंबर 2017 को दो लाख रुपये नकद और पांच लाख के चेक से भुगतान किए जाने का जिक्र था। हैरत में पड़े संदीप ने पिता को जानकारी दी। लाखों की जमीन हड़पे जाने से आहत चंद्र किशोर ने थाने में शिकायत की।
कोई नतीजा न निकलने पर एसएसपी से गुहार लगाई। इस पर 4 जनवरी को मुनउल मलिक, उसकी पत्नी अब्बासिया, वाहन चालक मुकेश समेत चार लोगों पर जालसाजी व जानमाल की धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया। दो दिन बाद चंद्र किशोर की मौत हो गई।
पत्नी केसाना ने मुनउल मलिक व उसके साथियों पर मुकदमा वापस लेने की धमकी का आरोप लगाते हुए रविवार को सीओ मलिहाबाद से गुहार लगाई। केसाना का कहना है कि जमीन का धंधा करने वाले मुनउल ने पति से धोखाधड़ी करके जमीन का बैनामा कराया और उनकी मौत के बाद परिवारीजनों को धमका रहे हैं।
सीओ ने उसे कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ जालसाजी व जानमाल की धमकी के मुकदमे के विवेचक को निर्देश दिए। इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि चंद्र किशोर ने मुनउल के साथ तहसील जाकर अपनी जमीन का बैनामा किया था। कैंसर पीड़ित चंद्र किशोर ने 20 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पड़ताल शुरू ही की थी कि उसकी मौत हो गई। उसके बैंक अकाउंट का दो साल का ब्योरा मंगाया गया है