बछरावां स्टेशन पर रत्नेश सोनकर की चाय-समोसे की दुकान पिछले 43 साल से है। वह बताते हैं कि करीब 25 वर्षों से जनता एक्सप्रेस आंखों के सामने से गुजरी है लेकिन शुक्रवार को इस ट्रेन का रौद्र रूप देखा तो एक पल को कुछ समझ में नहीं आया।
जनता एक्सप्रेस दहाड़ते हुए एक नंबर प्लेटफॉर्म की लाइन पर दौड़ रही थी, मानों गुस्से में हो। मैं ट्रेन में बैठे यात्रियों के लिए चाय और समोसे लिए खड़ा था।
रफ्तार और हवा के तेज झोंके से हर कोई पीछे हट गया। दहाड़ते हुए ट्रेन गुजरी तो मैं भौंचक्का रह गया। कुछ समझ पाता उससे पहले ही तेज धमाका हुआ और बेतहाशा भाग रही ट्रेन ठहर चुकी थी।