निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने उनके खिलाफ लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा की चल रही जांच को सोमवार को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
याचिका में लोकायुक्त पर लोकायुक्त एक्ट-1975 और उत्तर प्रदेश लोकायुक्त शिकायत नियमावली 1977 की अवहेलना करने और उनके खिलाफ गैर कानूनी तरीके से जांच किए जाने का आरोप लगाया गया है।
याचिका में कहा गया है कि लोकायुक्त ने एक्ट की धारा 9(2), 9(3), 9(5) व 8(1) तथा शिकायत नियमावली के नियम 5 के विधिक प्रावधानों के विपरीत यह शिकायत धारा 10(1)(क) में जांच के लिए स्वीकार कर लिया।
जबकि गलत हलफनामा और बिना सत्यापन के दिए गए इस परिवाद की वे जांच कर ही नहीं सकते थे।
याचिका में कहा गया है कि लोकायुक्त उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और मां-पिता के सिविल मामलों में लोकायुक्त एक्ट की धारा 8(4) के खिलाफ जाकर हस्तक्षेप कर रहे हैं।
यह भी कहा है कि मंत्री गायत्री प्रजापति और आजम खां के मामलों में नूतन ठाकुर द्वारा की गई उनके समक्ष शिकायत और लोकायुक्त के सरकारी हेलीकॉप्टर की निजी यात्रा में दुरुपयोग की शिकायत के चलते वे ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने अदालत से जांच को रोके जाने की गुजारिश की है।