लखनऊ। महापौर की सख्ती के बाद नगर निगम ने अवैध कार बाजार चलाने वाले ठेकेदार पर बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने ठेकेदार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और अमीनाबाद पार्किंग का ठेका न लेने पर उसकी 23 लाख रुपये की जमानत राशि भी जब्त कर ली है।
महापौर ने 24 मार्च को नगर आयुक्त के साथ हजरतगंज और सरोजिनी नायडू पार्किंग में छापा मारा था। हजरतगंज की मल्टीलेवल पार्किंग की दो मंजिलों में अवैध कार बाजार और कार्यालय मिला था। दो फरवरी से नगर निगम हजरतगंज पार्किंग का संचालन कर रहा है। इससे पहले पुरानी फर्म के पास यहां और अमीनाबाद पार्किंग का ठेका था।
अमीनाबाद पार्किंग का ठेका मार्च 2025 में समाप्त होना था। नवंबर में हुए टेंडर में पुरानी फर्म ने 12 करोड़ रुपये सालाना का टेंडर भरा, जबकि नगर निगम की आरक्षित दर 93 लाख रुपये थी। इस पर फर्म ने गलती का बहाना बनाकर ठेका लेने से मना किया। इसके बाद निगम ने टेंडर निरस्त कर दिया। अब हजरतगंज मामले के बाद अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए उसकी जमानत राशि जब्त कर ली। टेंडर में ज्यादा राशि पार्किंग कर्मचारियों की मिलीभगत से जानबूझकर डाली गई थी।
बकाया वसूली और मिलीभगत
महानगर पार्किंग में भी हजरतगंज और अमीनाबाद की तरह गड़बड़ी चल रही थी। यहां भी उसी फर्म का ठेका था। बीते साल मार्च में ठेका समाप्त होने के बाद भी ठेकेदार ने 13 लाख रुपये का बकाया जमा नहीं किया था। महापौर के छापे और जोनल अफसर ओपी सिंह की चेतावनी पर यह बकाया जमा हुआ।
पार्किंग बाबू पर कार्रवाई
पार्किंग में कार बाजार चलवाने और ठेकेदारों से मिलीभगत करने वाले पार्किंग बाबू शिवेंद्र मिश्रा पर कार्रवाई की तैयारी है। नगर निगम उसे पार्किंग से हटा रहा है। उसकी जगह बाबू अनिल सिंह को तैनात किया गया है। जानकारों के अनुसार, पार्किंग घोटाले का खेल पार्किंग बाबू ही चला रहा था। महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि सभी गड़बड़ियां दूर की जा रही हैं और जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।