कलश यात्रा के दौरान लग गया जाम।
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गायत्री परिवार की ओर से आयोजित कलश यात्रा का शुभारंभ मंगलवार सुबह गौरीगंज रोड के देवी पाटन मंदिर से किया गया। शहर में जैसे ही यात्रा पहुंची तो गांधी चौक से राजर्षि तिराहा व अंबेडकर चौराहे से सुल्तानपुर रोड तक करीब दो घंटे राहगीर जाम में फंसे रहे। दो घंटे तक जाम व धूप में फंसे वाहन चालकों को समझ भी नहीं आ रहा था कि आखिर जाम लगा क्यों है। जबकि जाम का कारण गायत्री परिवार की ओर से आयोजित एक कलश यात्रा और ट्रैफिक पुलिस की कलश यात्रा के मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट की कोई प्लानिंग नहीं होना थी। गलती ट्रैफिक पुलिस की रही और उसका खामियाजा राहगीरों को घंटों जाम में फंसकर चुकाना पड़ा।
गायत्री यात्रा निकलने की जानकारी प्रशासन को कई दिनों पहले से थी जिसके बावजूद मंगलवार को सुबह से अमेठी शहर में सीधे आवागमन जारी था। कलश यात्रा जैसे ही शहर में प्रवेश की तो गांधी चौक पर गौरीगंज मार्ग व दुर्गापुर मार्ग पर सभी वाहनों को रोक दिया गया। इस कारण अचानक से सड़क पर वाहनों का लोड बढ़ गया। इससे शहर के सभी मार्गो पर घंटों जाम लगा रहा। गांधी चौक से राजर्षि चौराहा, ककवा रोड, अंबेडकर चौराहा की ओर जाने वाली सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। इस कारण कभी जाम नहीं लगने वाली सड़क पर भी जाम लग गया। बाईपास होने के बावजूद वाहनों को रोका नही जा रहा था। बसें भी शहर में आकर जाम में फंसी रही। जिससे यात्री परेशान रहे। इस जाम में एंबुलेंस से लेकर यात्री बसें व स्कूली बसें समेत छोटे वाहन फंसे रहे।
इस कारण मरीजों से लेकर यात्री व छोटे विद्यार्थियों तक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम में फंसे प्रतापगढ़ के बाबूगंज निवासी शिव कुमार ने बताया कि किसी काम से ककवा जा रहा था। शहर आये तो पता लगा कि शहर में कलश यात्रा के कारण वाहनों को रोक दिया गया है। अगर बाईपास से ही हम लोगों को रोक देते तो हम लोग वहीं से घूम के बाईपास से निकल जाते। शहर के विजय बरनवाल ने बताया कि करीब तीन किलोमीटर दूर तक कि कलश यात्रा थी जिसके बाद भी पुलिस ने पहले से प्लान नहीं बनाया। मंगलवार सुबह पुलिस आयी जबकि इतनी बड़ी तैयारी के लिए पुलिस को पहले से प्लान बनाना था। दोपहर तक के लिए रूट डायवर्जन कर देते जिससे राहगीरों को परेशानी न होती। सीओ ट्रैफिक मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि सभी मार्गों पर पुलिस तैनात थी। कलश यात्रा के दौरान वाहनों को रोका गया था। कलश यात्रा के जाते ही आवागमन बहाल कर दिया गया।
यहां हुई ट्रैफिक पुलिस से चूक
- कलश यात्रा के पहले बाईपास से ही वाहनों का रूट डायवर्जन करना था।
- जब पता था कि शहर से कलश यात्रा निकलेगी तो बसों सहित अन्य वाहनों को शहर में आने से रोककर उनको डायवर्ट करना था।
- राजर्षि तिराहे से गांधी चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक कन्ट्रोल की व्यवस्था नहीं थी।
- ककवा रोड की तरह जाने के लिए बैरिकेडिंग की गई, लेकिन ट्रैफिक को चालू छोड़ा जिससे ओवरब्रिज पुल पर जाम लग गया।
- रुट डायवर्जन कर उसका प्रचार, प्रसार करना।