सत्ता के शिखर तक पहुंचाने की हैसियत रखने वाली अमेठी की सियासी जमीन आधी आबादी के लिए बहुत उपजाऊ नहीं रही। लोकसभा बनने के बाद से अब तक यहां महज दो ही महिला सांसद हो पाईं हैं। लोकसभा चुनाव 1984 में पहली दफा मेनका गांधी चुनाव लड़ी थीं। उन्होंने अपने जेठ स्व. राजीव गांधी के मुकाबिल चुनावी मैदान में उतर कर आधी आबादी की ताकत का एहसास कराया था। हालांकि वह चुनाव हार गई थीं। 1984 के बाद से 1998 तक यहां महिला उम्मीदवारों का अकाल रहा।
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