बहुत कोशिश के बाद भी सुनील के जुड़वा बेटे की मौत हो गई। यह पूनम के लिए सदमा सरीखा था। वह अस्पताल में दिन भर रोया करती थी और इसी बीच चंदन ने उसे सहारा दिया। बातचीत में यह भी पता लगा कि चंदन ने पूनम को जो भावनात्मक सहारा दिया था। उसी के सहारे वह आगे बढ़ता चला गया। बातचीत नजदीकियों में बदल गई, लेकिन जब सुनील का ख्याल आता को पूनम के कदम बहुत आगे बढ़ने से रुक जाते। यह बात चंदन को नागवार लगने लगी थी। यही कारण रहा कि मार्च से चंदन का एक रूप देखने को सामने आया। 18 अगस्त को इसी के चलते पूनम के साथ चंदन ने बदसलूकी की और सुनील को पीटा। दोनों अनजान रिश्ते धीरे-धीरे किसी बड़ी घटना की तरफ बढ़ चले और नतीजा यह रहा कि चंदन ने पूरे परिवार का सफाया कर दिया।
बताते हैं कि चंदन सुदामापुर गांव चार माह पहले जुलाई में आया था। उस दौरान सुनील और पूनम तथा बच्चे गांव में थे। जब चंदन आया तो परिवार के लोग अचरज में पड़ गए। पूनम पर अंगुली उठी लेकिन सुनील की वजह से सब शांत हो गए और गांव में इसकी चर्चा किसी से नहीं की गई। गांव वाले भी यह नहीं जानते थे कि घर पर आए अजनबी की जान पहचान पूनम से है। जब हत्याकांड हुआ और चंदन का चेहरा न्यूज चैनलों में दिखा तब गांव के लोगों को पूनम और चंदन के बीच की जानकारी हो सकी। उसके बाद से हर कान सुगबुगाहट से जुड़ा हुआ है। परिवार के लोगों का कहना है कि पूनम की वजह से ही चंदन इतने आगे बढ़ गया था।
आरोपी चंदन वर्मा व मृतक शिक्षक की पत्नी व बच्चे।
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सुनील ने एक अप्रैल में रायबरेली शहर में अपना घर बनवाने के लिए दो विस्वा जमीन ली थी। इसमें चंदन को गवाह बनाया था। नवरात्र में जमीन पर भूमि पूजन होना था। जब चंदन को यह बात पता लगी कि सुनील अब स्थाई रूप से रायबरेली रहने लगेगा तो उसके मंसूबे सफल नहीं होंगे।
असल में वह हर हाल में पूनम को पाना चाहता था और पूनम भी पति के स्वभाव के चलते चंदन के नजदीक आ गई थी, लेकिन किसी को नहीं मालूम था कि चंदन के दिमाग में क्या चल रहा है। पूनम की मां कृष्णा की मां का कहना है कि जब दामाद सुनील ने जमीन खरीदी थी तो उसी दौरान से वह दामाद के पीछे पड़ गया था। वह सुनील को पूनम से अलग करने के लिए फोटो भेजता था। इसे लेकर दंपती में मनमुटाव भी हो गया था।