प्रयागराज महाकुंभ से अमेरिकी भी हैरत में हैं। अपनी आबादी से दोगुना यानी 62 करोड़ लोग एक जिले में आकर स्नान कर रहे हैं, यूपी सरकार के इस मैकेनिज्म की चर्चा सात समंदर पार अमेरिका में भी है।
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दुनियाभर में प्रतिष्ठित कोलंबिया विश्वविद्यालय ने यह बीड़ा उठाया है, जिसमें डिजिटल महाकुंभ की अवधारणा पर काम होगा। गंगाजल की पवित्रता का ही असर है कि कुंभ से बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकों ने जल मंगाया है। फरवरी के तीसरे हफ्ते में महाकुंभ में स्नान के लिए अमेरिका से प्रयागराज आए पद्मश्री डॉ. निरुपम बाजपेयी ने यह जानकारी दी।
कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. बाजपेयी ने बताया कि महाकुंभ की वजह से 33 वर्ष बाद अपने जन्मस्थान प्रयागराज सपरिवार जा सका। 64 करोड़ लोगों के संगम का यह अनुभव केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे अमेरिका के लिए कौतूहल का विषय है।
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दुनिया का सबसे बड़े आयोजन एक जिले में इतनी भव्यता के साथ हो रहा है, यही केस स्टडी है। उन्होंने सुविधाओं पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूरी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी देश के लिए इतना विशाल आयोजन आसान नहीं है लेकिन उत्तर प्रदेश में इस अकल्पनीय से लगने वाले आयोजन की सफलता की चर्चा अमेरिका में भी है। अमेरिका से दोगुनी आबादी के बराबर श्रद्धालु एक साथ पर आ रहे हैं, केवल इसका अनुभव लेने बड़ी संख्या में अमेरिकी और शोध छात्र भारत आए हैं।