प्रदेश सरकार ने लोहिया ग्रामीण आवास के लाभार्थियों के चयन के मानकों में संशोधन किया है। यह फैसला प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आधार पर किया गया है।
अब प्रदेश सरकार की तरफ से दिए जाने वाले लोहिया आवास के लाभार्थियों का चयन भी सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के मुताबिक होगा।
यह कहा गया है कि जो परिवार आवासहीन हैं, झोपड़ी में रहते हैं, एक कमरा या दो कच्चे कमरों में रहते हैं, उन्हें सबसे पहले आवास दिए जाएं। इसमें भी जो सबसे ज्यादा गरीब हों उन्हें पहले आवंटन होगा।
ऐसे लोगों को आवास आवंटन के लिए चयनित नहीं किया जाएगा जिनके पास दोपहिया, तिपहिया या चौपहिया वाहन हैं अथवा मोटर चालित नौका, स्वचालित तिपहिया या चौपहिया कृषि वाहन हैं।
फ्रिज, लैंड लाइन फोन होने पर नहीं मिलेगा आवास
डेमो
घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी है या उसके पास कोई उद्योग है, घर के किसी सदस्य की आय 10 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक है, वह आयकर दाता है या प्रोफेशनल टैक्स देता है, घर में फ्रिज, लैंड लाइन फोन, 2.5 एकड़ या इससे अधिक खेती है तो
ऐसे लोग भी चयनित नहीं किए जाएंगे।
निर्देशों में कहा गया है कि कोई गरीब परिवार अगर सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के सर्वेक्षण से छूट गया है तो उसके लिए अलग से सूची तैयार की जाएगी। जिस पर अगले साल विचार किया जाएगा।
हर लोहिया ग्राम में अधिकतम 25 लोहिया ग्रामीण आवासों का आवंटन होगा। जिस ग्राम पंचायत में लोहिया समग्र ग्राम चयनित किए जा चुके हैं उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवासों का आवंटन तभी किया जाएगा जब लोहिया ग्रामीण आवास योजना के तहत आवासों का आवंटन कर लिया जाए।