मां को गोद में लेकर ऑटो तक लाया बेटा।
जिला अस्पताल शुक्रवार को एंबुलेंस व स्ट्रेचर नदारद रहा। यहां सुबह इलाज को पहुंची एक वृद्धा रामजानकी की हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया।
इसके बाद बेटे मुनेंद्र को अस्पताल परिसर में न तो एंबुलेंस मिली न ही स्ट्रेचर। इस पर बेटे ने बूढ़ी मां को गोद में लेकर अस्पताल के बाहर खड़े ऑटोरिक्शा में बैठाया। वहीं सीएमएस इस घटना से इंकार कर रहे हैं।
रामकोट इलाके के गनेशपुर निवासी रामजानकी पत्नी रामासरे को सिर में चोट लग गई थी। बेटा मुनेंद्र ने शुक्रवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाया। डॉक्टरों ने गंभीर हालात बताते हुए रेफर कर दिया।
मुनेंद्र ने अस्पताल से एंबुलेंस की मांग की लेकिन उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि आज सभी एंबुलेंस वीवीआईपी कार्यक्रम में लगी हुई हैं।
इसके बाद जब वह इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर लेने गया तो वह भी नहीं मिला। इस पर मुनेंद्र रोते चिल्लाते हुए अपनी बूढ़ी मां को गोद में लेकर अस्पताल के बाहर खड़े ऑटोरिक्शा तक ले गया।
मुनेंद्र का कहना है कि ऑटोरिक्शा को अंदर नहीं आने दिया गया। इससे काफी दूर तक चलना पड़ा। इस बाबत सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल का कहना है कि सभी मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है। यह मामला संज्ञान में नहीं है अगर ऐसा कुछ हुआ है तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।