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यूपी: वेतन व कोरोना से बचाव के उपकरण न मिलने पर एंबुलेंस चालकों ने की हड़ताल, मचा हाहाकार

Tue, 31 Mar 2020 08:34 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के गोंडा व अयोध्या जिले में अपनी मांगों को लेकर एंबुलेंस चालकों ने मंगलवार को हड़ताल का एलान किया दिया जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, गोंडा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दखल के बाद कर्मचारी वापस काम पर लौटे लेकिन इस दौरान हाहाकार मच गया।

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इसके पहले सोमवार को भी 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने हड़ताल का एलान किया था जिसके बाद देर शाम स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से सहमति बन गई थी लेकिन मंगलवार दोपहर कर्मचारी फिर हड़ताल पर चले गए पता चला कि एंबुलेंस कर्मियों को बांटने के लिए दिये गये एक हजार मास्क, ग्लव्ज और सैनिटाइजर उन्हें नहीं दिए गए। सीएमओ ने जब मास्क और ग्लव्ज की रिसीविंग दिखाई तो एंबुलेंस कर्मी वापस काम पर लौट आये।

सीएमओ डॉ मधु गैरोला ने बताया कि सोमवार की शाम को जरूरी संसाधन और तीन महीने के बकाया मानदेय का भुगतान करने के साथ ही एक महीने की कटौती का भुगतान कराये जाने की मांग एंबुलेंस कर्मियों की ओर से की गई थी। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान एजेंसी की ओर से किया जाता है। इसके अलावा सभी कर्मियों के लिए 26 मार्च को ही 1000 मास्क और ग्लव्ज के साथ ही सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराया गया था।
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इस पर संगठन के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार ने हड़ताल स्थगित करने पर सहमति जताई। लेकिन मंगलवार दोपहर में अचानक सभी एंबुलेंस कर्मी फिर हड़ताल पर चले गये। डीएम डॉ नितिन बंसल कोरोना के चलते आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित न होने देने का निर्देश सीएमओ को दिया और हड़ताल खत्म कराने के निर्देश दिए। बाद में सीएमओ से बातचीत के बाद फिर से सेवाएं बहाल हो गई हैं।

राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में इकट्ठा हुए और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए

वहीं, अयोध्या में सेवा प्रदाता एजेंसी की कार्यप्रणाली से नाराज होकर एंबुलेंस चालकों ने मंगलवार दोपहर से हड़ताल कर दी। सभी 108, 102 एंबुलेंस चालक एंबुलेंस लेकर राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में इकट्ठा हुए और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। यह महत्वपूर्ण सेवा ठप होने से जिले में हाहाकार मच गया।

जीवीकेईएमआरआई 108 सेवा प्रदाता कंपनी के अधीन जिले में करीब 62 एंबुलेंस संचालित हैं।, इनमें करीब 35 एंबुलेंस 102 व 27, 108 हैं। सेवा प्रदाता कंपनी पर कर्मचारियों का उत्पीड़न व नियम विरुद्ध कार्य कराने का आरोप लगाते हुए जीवनदायी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को सभी एंबुलेंस चालकों ने हड़ताल कर दिया और एक साथ एकत्र होकर मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में सभी वाहनों को खड़ा कर दिया।

एकाएक हड़ताल की वजह से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। गंभीर समस्या से ग्रसित लोगों ने जब 102 व 108 नंबर पर कॉल किया तो घंटों मशक्कत के बाद हड़ताल की जानकारी हुई। चालकों ने समस्या का निस्तारण न होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।
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मांग के बावजूद नहीं उपलब्ध करवाई गईं सुरक्षा किट

संगठन के जिला संयोजक अनिल पांडेय उर्फ गुड्डू ने बताया कि दो माह से सेवा प्रदाता कंपनी ने वेतन नहीं दिया है। साथ ही बीते अगस्त, 2019 से ही ईपीएफ का पैसा नहीं जमा किया है। इस समय कोरोना की महामारी बढ़ गई है। ऐसे में एंबुलेंस चालकों को काफी खतरा बढ़ गया है। कई बार मांग के बावजूद भी अब तक सुरक्षा किट नहीं उपलब्ध करवाई

कहा कि इस महामारी के दौरान अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का 50 लाख का बीमा करने का एलान किया गया है, जिसमें एंबुलेंस चालकों को भी शामिल किया जाना चाहिए। बताया कि मांगों के निस्तारण तक हड़ताल जारी रहेगी। सभी मामलों से जिला प्रशासन सहित उच्चाधिकारियों तक को अवगत कराया जा चुका है।
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