यूपी के प्रत्येक जिले में आंबेडकर नवोदय विद्यालय की स्थापना की जाएगी। इन आवासीय विद्यालयों की 70 फीसदी सीटें अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। शेष पर अन्य वर्गों के गरीब विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। इस योजना में विद्यालय के निर्माण के लिए 30 एकड़ जमीन राज्य सरकार को देनी होगी।
निर्माण व संचालन का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इस बाबत केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर ली है।
योजना के तहत उन जिलों में एससी छात्रों के लिए आंबेडकर नवोदय विद्यालय की स्थापना की जाएगी, जहां इस वर्ग की आबादी 16.2% से अधिक है। प्रदेश के कमोबेश सभी जिलों में एससी आबादी इस निर्धारित सीमा से अधिक है। प्रस्ताव के अनुसार, इनमें कक्षा-6-12 तक के विद्यार्थियों के रहने-खाने की व्यवस्था होगी। सीबीएसई का पाठ्यक्रम लागू होगा।
प्रत्येक विद्यालय में पहले साल कक्षा-6, 9 और 11 में 60-60 बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। स्कूल संचालन का प्रति छात्र खर्च 1.25 लाख रुपये सालाना निर्धारित किया गया है।