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मजबूरी में 5 की मैगी 45 में खा रहे हैं कश्मीर में फंसे अमरनाथ यात्री

Tue, 12 Jul 2016 05:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अमरनाथ यात्री - फोटो : amar ujala
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कश्मीर में फैली हिंसा में फंसे शहर से गए अमरनाथ यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वह घर वापसी नहीं कर पा रहे हैं। जेब खाली हो रही है और स्थानीय दुकानदार जरूरत के सामान के मुंह मांगे रेट मांग रहे हैं। टेंट, टैक्सी वालों ने भी किराया बढ़ा दिया है। 
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बालटाल में फंसे यात्रियों ने श्रीनगर का मार्ग खोले जाने की मांग को लेकर रविवार को प्रदर्शन भी किया। बाद में देर रात यात्रियों के जत्थे को मनीगाम बेस कैंप रवाना किया गया।

अमर उजाला से शनिवार से संपर्क कर रहे ठाकुरगंज में निवाजगंज के निवासी मनीष, राहुल, विनय और नवनीत वर्मा ने बताया कि वह शनिवार शाम से रविवार सुबह तक टैक्सी में बैठे वापसी का रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।
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सुबह सुरक्षा बलों ने रास्ता न खुल पाने की बात कही तब टेंट लेकर रुके। हजारों यात्री परेशान थे लेकिन उन्हें कोई यह बताने वाला नहीं था कि कब रास्ता खुलेगा। तरह-तरह की अफवाहें फैलती रहीं। 

भीड़ बढ़ने के कारण लंगर में खानपान व्यवस्था भी कुछ चरमरायी। ऐसे में मौके का फायदा उठाकर बालटाल में स्थानीय दुकानदारों ने पानी, चाय आदि के दाम भी बढ़ा दिऐ। टेंट का किराया भी टेंटवालों ने 500 रुपये प्रति सीट से अधिक वसूला।

पानी की बोतल 40 रुपये में

अमरनाथ यात्र‌ियों को करना पड़ रहा मुश्क‌िलों का सामना - फोटो : amar ujala
बालटाल में रविवार को 20 रुपये में मिलने वाली पानी की बोतल 40 रुपये में बिकी। मनीष ने बताया कि पांच रुपये की मैगी के 45 रुपये दुकानदार वसूल रहे थे। बालटाल से जम्मू के लिए जो टैक्सी 6600 रुपये में बुक होती है, उसके रविवार को टैक्सी वालों ने 10 हजार रुपये से अधिक मांगे। 

इसकी शिकायत वहां सुरक्षा बलों से की गई तो उन्होंने कहा कि जो मांगे, उसके बारे में बताओ। इस पर टैक्सी वालों ने चलने से इन्कार करना शुरू कर दिया। मनीष ने 10 हजार रुपये में टैक्सी बुक की और देर शाम करीब 8 बजे उनका जत्था बालटाल से कड़ी सुरक्षा में रवाना किया गया, लेकिन कुछ दूर पर मनीगाम बेस कैंप में उन्हें फिर रोक दिया गया।
 
खबर लिखे जाने तक सुरक्षा बल देर रात माहौल ठीक होने पर श्रीनगर के लिए जत्था निकालने की बात कह रहे थे। जम्मू व श्रीनगर मार्ग में हैं बहुत से यात्री, लंगर बने सहारा शहर के बहुत से यात्री जम्मू व श्रीनगर जाने वाले मार्ग में भी रुके हैं। 
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रास्ते में हो रहा है यात्रियों पर पथराव

अमरनाथ यात्रा का एक दृश्य
अनंतनाग में बवाल से ठीक पहले निकले गोमतीनगर निवासी जेपी तिवारी रविवार को लखनऊ पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह फ्लाईट से दिल्ली होते हुए निकल आए हैं। उनके साथी सागर शुक्ला व तीन अन्य लोगों का 12 जुलाई को जम्मू से वापसी का टिकट था, लेकिन अब वह सोमवार को ही वापसी कर रहे हैं। 

जम्मू से श्रीनगर मार्ग पर ऊधमपुर में लंगर लगाकर सेवा कर रहे लखनऊ के अर्पित मिश्र ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि उनके लंगर में दुबग्गा के नागेंद्र कुशवाहा, सोनिश मौर्या, चारबाग के ओमप्रकाश, ठाकुरगंज के अंशू त्रिवेदी समेत कई लखनऊ के यात्री दो दिन से ठहरे हैं। सभी को दर्शन के लिए जाना है और रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। 

अर्पित के अनुसार वापसी के रास्ते में यात्रियों पर जबरदस्त पथराव हो रहा है। रविवार को पंजाब निवासी वीरभद्र लंगर में पहुंचे तो उनका सिर फटा था। बताया कि गाड़ी पर पथराव हुआ, जिसमें वह चोटिल हो गए। बकौल अर्पित यात्रा मार्ग पर लंगर न हों तो यात्रियों को खाने के लाले पड़ जाएं।
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