हिंदी देश की आत्मा है जो समूचे भारतीय समाज को जोड़ने में सक्षम है। हालांकि हिंदी की उपेक्षा को लेकर कहीं न कहीं हिंदी सेवियों में पीड़ा भी है। हिंदी से भारतीय समाज को जोड़ने के लिए आज इस बात की भी आवश्यकता है कि हम नए तरीके तो तलाशें ही, साथ में अपनी पुरातन परंपराओं को भी सहेजें।
‘हिंदी हैं हम’ अभियान के तहत हिंदी की प्रगति को लेकर चुनौतियों और समाधान पर चर्चा के लिए अमर उजाला रविवार को दोपहर 12 बजे से एक वेबिनार का आयोजन करने जा रहा है।
इस वेबिनार में हिंदी पर चर्चा के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष व साहित्यकार डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित, देश के प्रसिद्ध गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना, अकादमिक विश्लेषक व साहित्यकार डॉ. राहुल अवस्थी, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे, साहित्यकार डॉ. अशोक अज्ञानी, हिंदी लेखिका व कवयित्री वत्सला पांडेय और केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) के पूर्व वरिष्ठ हिंदी अधिकारी डॉ. विजय नारायण तिवारी मौजूद रहेंगे। इस वेबिनार का फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रसारण किया जाएगा।
हिंदी के उत्थान के आड़े आने वाली समस्याएं और समाधान पर स्वस्थ वार्ता का आनंद उठाने के लिए आप लोग अमर उजाला के फेसबुक पेज से जुड़ें और जानें विशेषज्ञों के विचार। साथ ही हिंदी को लेकर आप अपनी जिज्ञासा व प्रश्नों के उत्तर भी विशेषज्ञों से जान सकते हैं।