अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज अमर उजाला 'द बोनस' की ओर से शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। होटल क्लार्क अवध में आयाजित इस कार्यक्रम में में वित्तीय और आर्थिक क्षेत्र की विशेषज्ञ महिलाओं ने अलग-अलग क्षेत्र की महिलाओं को बचत और निवेश के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में यूपी सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी शामिल हुईं।
बचत के साथ ही निवेश की भी आदत डालें महिलाएं
महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं में बचत की खास आदत होती है। अगर वो इसके साथ ही निवेश की भी आदत डाल लें तो उन्हें और लाभ होगा। जीवन में कठिन परिस्थितियों के लिए बचत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि निवेश के लिए महिलाएं अपने लिए कोई कारोबार शुरू कर सकती हैं जिससे कि वो अपने परिवार को संरक्षण दे सकती हैं। आप विवाहित हैं तो अच्छी बात है पर अगर भविष्य में संबंधों में कभी मुश्किल भी आती है तो इसके लिए आर्थिक रूप से सशक्त रहना जरूरी है। उन्होंने एक कहानी सुनाते हुए कहा कि मैंने देखा कि एक महिला अपनी बेटी के बारे में कहती है कि मैं उसे डॉक्टर बनाऊंगी। तो मैंने सोचा कि इसके लिए उसने बचत करना शुरू कर दिया गया होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए बचत के साथ ही निवेश भी बहुत जरूरी है।आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने से आत्मविश्वास बढ़ता है।
अमर उजाला ने जो बोनस पत्रिका लांच की है वह महिलाओं को ज्ञान देने वाली है। महिलाओं को घर के फाइनेंस के मामलों में शामिल नहीं किया जाता है। मैं जब छोटी थी तो मेरे बाबा ने कहते थे कि मोटा खाओ मोटा पहनो, वक्त के लिए बचाकर रखो। ये पुस्तक उसी तरफ इशारा कर रही है। आज भी महिलाओं को बुरे वक्त के लिए फाइनेंसियल प्लानिंग करनी चाहिए। यह कार्यक्रम हमें बचत के लिए प्रेरित करता है। हमारी पौने दो लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए यह सबक होगा। इस कार्यक्रम के बारे में मैं उन्हें बताऊंगी। उन्होंने कहा कि कई बार हमारे पास पैसे नहीं होते थे। उस समय हम यह सोचते थे कि हमारे पास बचत होती तो बेहतर होता। इसी बचत से हम अपने परिवार को संरक्षण दे सकते हैं। सरकार अपनी योजनाएं चला रही है वह बिना ब्याज के लोन भी दे रही है लेकिन महिलाएं अपने स्तर से बचत करने की नीयत रखें। बचत होने पर महिलाएं अपने बच्चों को सही शिक्षा और करियर दे सकती हैं।
अपनी बचत से बच्चों और करिअर को शेप दे सकती हैं महिलाएं
जब महिलाएं बचत करेंगी तभी वह अपने बच्चों के करियर को सही शेप दे सकती हैं। जब महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं तो उनमें बहुत आत्मविश्वास आता है। जब मेरी पहली बार नौकरी लगी तो मेरे अंदर बहुत आत्मविश्वास आया। महिलाओं को पहले आत्मनिर्भर होना होगा फिर आमदनी होने लगे तो उन पैसों को डबल करने के लिए फाइनेंस की प्लानिंग करें। यह देश सशक्त तभी होगा जब इसकी नारी सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं अब वूमेंस डे नहीं वूमेंन पर्व मनाने की जरूरत है।
देश की दशा और दिशा तय कर रही हैं महिलाएं
यूपी सरकार की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। पहले कहा जाता था कि महिलाएं सिर्फ घर तक ही सीमित रह सकती हैं पर आज हमारी बहनें और बेटियां देश की दशा और दिशा तय कर रही हैं। शिक्षा को लेकर महिलाओं में जागरूकता आई है यह हर साल देखा जाता है कि विश्वविद्यालयों में मेडल जीतने वालों में ज्यादातर बेटियां ही होती हैं।
उन्होंने कहा कि मैं पूरे अमर उजाला परिवार को इस आयोजन के लिए बधाई देती हूं। उन्होंने कहा कि गांव तभी मजबूत होंगे जब वहां की महिलाएं मजबूत होंगी। मैं सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहती हूं। नारी शक्ति को लेकर राज्य और केंद्र में जो योजनाएं शुरु हुईं उससे नारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। महिलाएं स्वस्थ रहें इसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से योजनाएं चलाई गईं। सुकन्या योजना हो या मुद्रा लोन जैसी योजनाओं से बेटियां मजबूत हुई हैं। जब उनके पास पैसा आएगा तब उनके अंदर आत्म विश्वास आएगा। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया गया है।
गांव की महिलाओं को सशक्त करने के लिए सरकार द्वारा योजनाएं चलाई गई हैं। सरकार का मानना है कि आधी आबादी देश की दिशा और दशा तय कर रही है। आज स्कूल और कॉलेजों में छात्राओं की संख्या बहुत बढ़ी है। मेडल पाने वालों में बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर महिला अंदर से मजबूत होती है। उसके अंदर फाइनेंस की अच्छी समझ होती है। वह अपने बच्चे और परिवार की देखभाल बहुत अच्छे तरीके से करती है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में नारी सदैव ताकतवर रही है। हमारा इतिहास वीर नारियों से भरा रहा है। जब नारी बचत और निवेश के बारे में सोच लेगी तो यह काम महिलाएं बहुत आसानी से कर लेंगी। बस एक बार उनको सोचने की देर है। गांव से लेकर शहर तक में महिलाएं मजबूत हो रही हैं। उनके पास अब पैसा आ रहा है जाहिर है कि अब उनको निवेश करने की जरूरत भी है। आज हम सब यही संकल्प लेंगे कि हमें कैसे निवेश करना है। कैसे पैसे का मैनेजमेंट करना है। मैं उन महिलाओं को धन्यवाद देना चाहूंगी। मैं अमर उजाला की महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ाए गए इस सकारात्मक कदम की तारीफ करती हूं। हमारी सरकार पहले टेबलेट और स्मार्ट फोन दे चुकी है। अब हम स्कूटी देने जा रहे हैं। महिलाएं समृद्व और स्वावलंबी हों। हम सब मिलकर इस काम को कर सकते हैं।
''द बोनस'' से मिलेंगे आर्थिक समाचार और विश्लेषण
विमेन फाइनेंशियल इंपॉवरमेंट समिट: शक्ति की समृद्धि के मौके पर अमर उजाला 'द बोनस' की नई इकाई ''द बोनस'' पत्रिका का विमोचन भी किया जाएगा। यह पत्रिका आर्थिक समाचारों के साथ ही उनके विश्लेषण पर आधारित है। पत्रिका के माध्यम से अर्थ क्षेत्र के दिग्गज, पाठकों को वित्तीय सलाह भी देंगे। इसका मकसद लोगों में वित्तीय और आर्थिक समझ विकसित करके इस क्षेत्र में उनका दखल बढ़ाना है। इसके साथ ही अमर उजाला 'द बोनस' नारी आर्थिक सुरक्षा अभियान (नासा) की शुरुआत भी की जाएगी।
व्यापार और उद्यम क्षेत्र की ये दिग्गज होंगी मुखातिब
- अनामिका माटे- निप्पॉन लाइफ इंडिया असेट मैनेजमेंट की सेगमेंट हेड
- धारा शाह- बोनांजा पोर्टफोलियो लिमिटेड की प्रोडक्ट हेड
- सुनंदा वेंकटरमण- व्हाइट ओक कैपिटल की बिजनेस डेवलपमेंट हेड
- शिल्पी चंदेल- मिरे असेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की क्लस्टर हेड
- उमा देसाई- बटुक की बिजनेस और स्ट्रेट्जी हेड
- प्रबलीन बाजपेयी- फिनिक्स रिसर्च एंड एनालिटिक्स की संस्थापक
- निशा सांघवी- सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर और प्रीमोर फिनटेक की सह-संस्थापक