आयोजन के दौरान मौजूद छात्राएं।
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माहवारी के दौरान खट्टा नहीं खाना चाहिए, मंदिर नहीं जाना चाहिए और पहले दिन नहाना नहीं चाहिए, माह में कुछ दिन पेट में इतना दर्द, कोई बीमारी तो नहीं ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो आज भी किशोरियों के मन में कहीं न कहीं रहते हैं। सेंट जोसेफ स्कूल बजाज ग्रुप, ठाकुरगंज में आयोजित जागरूकता शिविर में छात्राओं के ऐसे ही सवालों ने डॉक्टर को आश्चर्य में डाला। इसके बाद शुरू हुआ सिलसिला सवालों के जवाब का। धीरे-धीरे छात्राओं के सारे भ्रम दूर हुए।
छात्राओं ने कहा कि अब कोई मिथक हमारे मन में नहीं है और न ही हमें माहवारी के दौरान होने वाले दर्द को लेकर कोई डर है। इसमें लगभग 600 छात्राओं और उनकी माताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान मां चंद्रिका देवी हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री एन. ने एक-एक कर मां-बेटियों की समस्याओं का समाधान किया।
माहवारी को लेकर उनके मन में पल रहे मिथकों को भी दूर किया गया। साथ ही इस दौरान मौजूद रहीं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर श्वेता मनोचा, व्हिस्पर के अकाउंट मैनेजर अभिषेक शुक्ला और सेंट जोसेफ स्कूल बजाज ग्रुप की प्रबंध निदेशक सीमा अग्रवाल व राजेश अग्रवाल।
परिवार का सहयोग बहुत अहम
शिविर में डॉ. गायत्री और श्वेता मनोचा ने बेटियों की किसी भी समस्या के दौरान परिवार के योगदान को अहम बताया। श्वेता ने इस दौरान माहवारी से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।
प्रीति यादव बनीं विजेता, मिला लैपटॉप
अमर उजाला व व्हिस्पर की ओर से लगातार जागरुकता अभियान चल रहा है। इसमें एक निबंध प्रतियोगिता भी कराई जाती है। लखनऊ मंडल में आयोजित प्रतियोगिता को विजेता रहीं टीडी गर्ल्स की प्रीति यादव। उन्हें लैपटॉप पुरस्कार में मिला।