जस्टिस हैदर अब्बास रजा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. एसएन शुक्ल व रिटायर्ड डॉ. ज्ञान प्रकाश गुप्ता
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हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश व उत्तराखण्ड के लोकायुक्त रह चुके जस्टिस हैदर अब्बास रजा ने कहाकि साल दर साल अमर उजाला नए आयाम तय कर रहा है। अखबार सच के पक्ष में खड़ा है और तरक्की के साथ-साथ मूल्यों के लिए हमेशा संघर्षरत नजर आता है। उन्होंने यह भी कहाकि सोशल मीडिया केयुग में अखबार का बुलंदी पर होना जरूरी है। यह ऐतिहासिक दस्तावेज हैं। सम्मान के लिए उन्होंने धन्यवाद दिया।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. एसएन शुक्ल ने गौरव सम्मान से अलंकृत होने के बाद कहा कि अमर उजाला का नाम उन अखबारों में शामिल है, जो बगैर लाग-लपेट मुद्दों की तह तक जाकर खबरें लाते हैं। गौरव सम्मान से मुझे नवाजा, इसके लिए अखबार प्रशासन को धन्यवाद। उन्होंने लखनऊ को ऐसा ऐतिहासिक शहर बताया, जहां आज भी पुराने रीति-रिवाजों व संस्कृति को सहेजकर रखने वाले लोग हैं।
केजीएमयू के फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष पद से रिटायर्ड डॉ. ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित अमर उजाला गौरव सम्मान समारोह के अवसर पर कहाकि राजनीति, खेलकूद, कला-संस्कृति, चिकित्सा, शिक्षा और ऐसे ही अन्य मुद्दों पर अमर उजाला की लेखनी सराहनीय रही है। यह ऐसी ही बनी रहनी चाहिए। ऐसी आशा करता हूं। उन्होंने कहा कि अमर उजाला के बगैर दिन की शुरुआत अधूरी सी रहती है।
विलायत जाफरी, डॉ. मंदाकिनी प्रधान व द्मश्री राज बिसारिया
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दूरदर्शन के पूर्व निदेशक और वरिष्ठ रंगकर्मी विलायत जाफरी ने कहा कि लखनऊ की रूह उसकी संस्कृति, नजाकत, नफासत है। जिसकी मुरीद दुनिया है और लाखों पर्यटक इसी जीवनशैली से रूबरू होने के लिए राजधानी आते हैं। अमर उजाला गौरव सम्मान मिलने के बाद उन्होंने कहाकि यह सम्मान उजाले को फैलाने वालों को समर्पित है। जो देश, समाज, कला, रंगकर्म के लिए जीजान से जुटे हुए हैं। विलायत जाफरी ने एक लम्बा अरसा हबीब तनवीर के साथ गुजारा।
गर्भ में ही भ्रूण से जुड़ी बीमारियों के इलाज में महारत हासिल करने वाले पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ मैटरनल हेल्थ की प्रमुख डॉ. मंदाकिनी प्रधान ने इच्छा जताई कि अच्छाई को हमेशा प्रोत्साहन मिलना चाहिए। अखबार इस काम को बेहतर ढंग से कर सकते हैं और अमर उजाला इसे कर रहा है। बधाई का पात्र है। गौरव सम्मान देने के लिए अमर उजाला को कोटि कोटि धन्यवाद। कहाकि अच्छाई से ही तरक्की संभव है।
अमर उजाला ने इन दस वर्षों में तमाम उतार-चढ़ाव देखे। पर, लगातार मेहनत से एक मुकाम हासिल किया और दस वर्षों का सफर तय किया। यह दस साल बेमिसाल रहे। वरिष्ठ रंगकर्मी पद्मश्री राज बिसारिया ने यह बातें कहीं। अमर उजाला गौरव सम्मान से नवाजे जाने के बाद उन्होंने सम्मान के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहाकि अखबार ने अपना दायित्व बखूबी निभाया है और आगे भी ऐसा करता रहेगा।
लोक कला-संस्कृति को मिला बढ़ावा
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लोकगीतों को सहेजने की जरूरत है। यह हमारी रीतियों व जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। लोक कलाओं, संस्कृति को लेकर अमर उजाला हमेशा संजीदगी दिखाता है। इसके लिए धन्यवाद और अमर उजाला द्वारा सम्मानित होकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।