फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'अमर उजाला' लखनऊ के 10 वर्ष के सफर पर इन सम्मानित शख्सियतों ने कही ये बातें

Sun, 24 Jun 2018 02:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
जस्टिस एससी वर्मा, पद्मश्री डॉ. मंसूर हसन व पूर्व कुलपति प्रो. भूमित्र देव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि ‘अमर उजाला’ प्रत्येक क्षेत्र में जनजागरण अभियान को आगे बढ़ा रहा है। मेधावी छात्रों का सम्मान हो या फिर किसानों या महिलाओं का, किसी में भी पीछे नहीं है। आज लखनऊ शहर की 10 हस्तियों को सम्मानित करके इस दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है। सिंह ने ये विचार ‘अमर उजाला’ लखनऊ की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘अमर उजाला गौरव सम्मान’ समारोह में रखे। इससे पूर्व डॉ. दिनेश शर्मा और मंत्री सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभांरभ किया और राजधानी की अपने-अपने क्षेत्र की 10 मशहूर हस्तियों को सम्मानित किया। सम्मानित हुई विभूतियों ने अमर उजाला के सफर पर ये बातें कही-

विज्ञापन


पूर्व लोकायुक्त जस्टिस एससी वर्मा ने कहा, आम लोगों में पैठ बनाना। उनका विश्वास जीतना। उनके दिलों तक पहुंचना। यह आसान काम नहीं है। पर, दस वर्षों के कठिन श्रम के बाद अमर उजाला ने यह कर दिया दिखाया है। जिसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। अमर उजाला गौरव सम्मान मिलने पर उन्होंने शुक्रिया कहा। साथ ही यह उम्मीद भी जताई कि आम लोगों के लिए अखबार का यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा।

लखनऊ से है दिली मुहब्बत
पद्मश्री डॉ. मंसूर हसन ने कहा कि मुहब्बत-ओ-खास का दौर है। दिल से लखनऊ को मुहब्बत और अमर उजाला का तहे दिल से शुक्रिया। यूं ही साल-दर-साल अखबार तरक्की के आयाम तय करता रहे और गरीबों-मुफलिसों की आवाज शब्दों के मार्फत हुक्मरानों तक पहुंचाता रहे।
विज्ञापन


दिलों तक है सर्कुलेशन
 पूर्व कुलपति प्रो. भूमित्र देव ने कहा, ऐतिहासिक पल है। लखनऊ जैसे शहर में सम्मान मिलना सुखद अनुभव है। अखबार सर्कुलेशन के लिए संघर्ष करते हैं। अमर उजाला का सर्कुलेशन दिलों तक पहुंचा है, जिसकी वजह से यह दस साल तरक्की के रहे हैं। यूं ही अखबार तरक्की करता रहे।

इन्होंने कही ये बातें

जस्टिस हैदर अब्बास रजा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. एसएन शुक्ल व रिटायर्ड डॉ. ज्ञान प्रकाश गुप्ता - फोटो : amar ujala
हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायाधीश व उत्तराखण्ड के लोकायुक्त रह चुके जस्टिस हैदर अब्बास रजा ने कहाकि साल दर साल अमर उजाला नए आयाम तय कर रहा है। अखबार सच के पक्ष में खड़ा है और तरक्की के साथ-साथ मूल्यों के लिए हमेशा संघर्षरत नजर आता है। उन्होंने यह भी कहाकि सोशल मीडिया केयुग में अखबार का बुलंदी पर होना जरूरी है। यह ऐतिहासिक दस्तावेज हैं। सम्मान के लिए उन्होंने धन्यवाद दिया।

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. एसएन शुक्ल ने गौरव सम्मान से अलंकृत होने के बाद कहा कि अमर उजाला का नाम उन अखबारों में शामिल है, जो बगैर लाग-लपेट मुद्दों की तह तक जाकर खबरें लाते हैं। गौरव सम्मान से मुझे नवाजा, इसके लिए अखबार प्रशासन को धन्यवाद। उन्होंने लखनऊ को ऐसा ऐतिहासिक शहर बताया, जहां आज भी पुराने रीति-रिवाजों व संस्कृति को सहेजकर रखने वाले लोग हैं।

केजीएमयू के फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष पद से रिटायर्ड डॉ. ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित अमर उजाला गौरव सम्मान समारोह के अवसर पर कहाकि राजनीति, खेलकूद, कला-संस्कृति, चिकित्सा, शिक्षा और ऐसे ही अन्य मुद्दों पर अमर उजाला की लेखनी सराहनीय रही है। यह ऐसी ही बनी रहनी चाहिए। ऐसी आशा करता हूं। उन्होंने कहा कि अमर उजाला के बगैर दिन की शुरुआत अधूरी सी रहती है।

विलायत जाफरी, डॉ. मंदाकिनी प्रधान व द्मश्री राज बिसारिया - फोटो : amar ujala
दूरदर्शन के पूर्व निदेशक और वरिष्ठ रंगकर्मी विलायत जाफरी ने कहा कि लखनऊ की रूह उसकी संस्कृति, नजाकत, नफासत है। जिसकी मुरीद दुनिया है और लाखों पर्यटक इसी जीवनशैली से रूबरू होने के लिए राजधानी आते हैं। अमर उजाला गौरव सम्मान मिलने के बाद उन्होंने कहाकि यह सम्मान उजाले को फैलाने वालों को समर्पित है। जो देश, समाज, कला, रंगकर्म के लिए जीजान से जुटे हुए हैं। विलायत जाफरी ने एक लम्बा अरसा हबीब तनवीर के साथ गुजारा।

गर्भ में ही भ्रूण से जुड़ी बीमारियों के इलाज में महारत हासिल करने वाले पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ मैटरनल हेल्थ की प्रमुख डॉ. मंदाकिनी प्रधान ने इच्छा जताई कि अच्छाई को हमेशा प्रोत्साहन मिलना चाहिए। अखबार इस काम को बेहतर ढंग से कर सकते हैं और अमर उजाला इसे कर रहा है। बधाई का पात्र है। गौरव सम्मान देने के लिए अमर उजाला को कोटि कोटि धन्यवाद। कहाकि अच्छाई से ही तरक्की संभव है।

अमर उजाला ने इन दस वर्षों में तमाम उतार-चढ़ाव देखे। पर, लगातार मेहनत से एक मुकाम हासिल किया और दस वर्षों का सफर तय किया। यह दस साल बेमिसाल रहे। वरिष्ठ रंगकर्मी पद्मश्री राज बिसारिया ने यह बातें कहीं। अमर उजाला गौरव सम्मान से नवाजे जाने के बाद उन्होंने सम्मान के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहाकि अखबार ने अपना दायित्व बखूबी निभाया है और आगे भी ऐसा करता रहेगा।
विज्ञापन

'लोक कलाओं, संस्कृति को लेकर अमर उजाला हमेशा संजीदगी दिखाता है'

लोक कला-संस्कृति को मिला बढ़ावा - फोटो : amar ujala
लोकगीतों को सहेजने की जरूरत है। यह हमारी रीतियों व जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। लोक कलाओं, संस्कृति को लेकर अमर उजाला हमेशा संजीदगी दिखाता है। इसके लिए धन्यवाद और अमर उजाला द्वारा सम्मानित होकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें