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अब अमर सिंह ने दी इस्तीफे की धमकी, बोले जानबूझकर हो रहा है अपमान

Tue, 23 Aug 2016 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली-लखनऊ
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अमर ‌सिंह - फोटो : amar ujala
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शिवपाल यादव के इस्तीफे की चेतावनी से बने हालात पर समाजवादी कुनबे में सोमवार दोपहर समझाइश हुई ही थी कि शाम को सपा के राज्यसभा सदस्य अमरसिंह ने इस्तीफे की धमकी से नया सियासी धमाका कर दिया।
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के ‘दिल’ से सपा की चौखट, फिर राज्यसभा में पहुंचे अमरसिंह अपनी अनदेखी और सहयोगी जयाप्रदा के कथित अपमान से खफा हैं। उन्होंने कहा, मैंने मुलायमसिंह से मिलने का वक्त मांगा है, मुलाकात नहीं हुई तो राज्यसभा के सभापति को सीधे जाकर अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। 

सपा सांसद अमर सिंह ने मीडिया से कहा कि उन्हें राज्यसभा की सीट की कीमत अपमानित होकर चुकानी पड़ रही है। जयाप्रदा को भी अपमानित किया जा रहा है। सपा सरकार में वही लोग ऐश कर रहे हैं, जो मायावती के राज में ऐश कर रहे थे। 
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शिवपाल यादव और बलराम यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं को लगातार अपमानित किया जा रहा है। कारण पूछे जाने पर अमर सिंह ने कहा, मुलायम सिंह खुद ही कारण सार्वजनिक तौर पर बता चुके हैं कि जो उनसे मिलने आता है, उसे प्रताड़ित किया जाता है। 
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सीएम फोन पर बात नहीं करते

अमर सिंह
अमर ने कहा, जयाप्रदा जैसी नेता का जानबूझकर अपमान किया जा रहा है। पहले कहा गया कि उन्हें विधान परिषद् भेजा जा रहा है, फिर कहा गया कि उन्हें मनोनीत किया जा रहा है। चार दिन पहले मुख्यमंत्री ने फिल्म विकास परिषद् में नियुक्ति की सूचना दी, वह भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा, जयाप्रदा या मैंने कभी कोई पद नहीं मांगा, फिर जानबूझकर क्यों अपमान किया जा रहा है? 

अमरसिंह ने कहा कि अखिलेश उनसे फोन पर बात नहीं करते। कहा, ‘जब कभी फोन करता हूं तो उनके सचिव बताते हैं कि आपका नाम लिस्ट में है, सीएम लिस्ट देख चुके हैं। मुझे लिस्ट में नाम लिखवाने का शौक नहीं है।’ 

अमरसिंह ने कहा कि इस्तीफा देने से पहले वह मुलायम सिंह से बात करेंगे। इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को उन्होंने अपना आदर्श माना। उन्होंने कहा, राज्यसभा में उन्हें मूक-बधिर बना दिया गया है। सदन में जीएसटी पर बहस में नरेश अग्रवाल व सुरेन्द्र नागर जैसे बोलते हैं, मेरे, रेवतीरमण सिंह, बेनीप्रसाद वर्मा जैसे नेताओं को पीछे चुपचाप बैठना पड़ता है। 

सपा मुखिया के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं मुलायमवादी हूं। उनकी इज्जत करता हूं और पार्टी में सिर्फ मुलायम की वजह से ही आया हूं। मुलायम के अलावा कोई नहीं चाहता था कि मुझे  राज्यसभा भेजा जाए। इसलिए सब चीजें मुलायम सिंह से बात करने के बाद ही तय की जाएगी। मेरे लिए राजनीति से ज्यादा व्यक्तिगत रिश्ते मायने रखते हैं।’ 
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