समाजवादी पार्टी के विवाद में महासचिव अमर सिंह शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव के साथ फिर मजबूती के साथ खड़े दिखे। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही नहीं, नरेश अग्रवाल और किरनमय नंदा को भी निशाने पर लिया।
कहा- मुलायम अकेले और बेहैसियत हैं, यह सुनने और सहने की क्षमता हमारी नहीं है। राजनीति बड़ी निर्मम और क्रूर है। राजनीति में किसी के साथ खड़ा होना अपराध है, शिवपाल इसी अपराध के अपराधी हैं।
अमर सिंह ने अपने खिलाफ बयानबाजी करने वालों को चुनौती दी कि वे साबित करें कि उन्होंने एक रुपये का भी ठेका या पट्टा लिया है अन्यथा अपने मुंह पर लगाम लगाएं, अनर्गल बातें न करें।
नरेश अग्रवाल की तरफ इशारा करते हुए कहा, नाम लेकर उनका महत्व नहीं बढ़ाना चाहता। राजनाथ सरकार में मंत्री रहे, बसपा और कांग्रेस में भी रहे। वर्तमान में सपा में हैं। उनका सर्वदलीय अनुभव है। वे हमें भाजपा का एजेंट बता रहे हैं।
'बैकडोर से इंट्री करने की मेरी आदत नहीं'
अमर सिंह बोले, मेरी बैकडोर और चोर दरवाजे से राजनीति में दाखिल होने की प्रवृत्ति नहीं है। बोले, किस दल का सपा में विलय हो, कौन मंत्री रहें, कौन निकाले जाएं, इन मामलों में जिन लोगों की छवि को लेकर अखिलेश ने शिवपाल यादव का विरोध किया था, वे सीएम आवास में दस्तखत करने के बाद दागदार नहीं रहे, उज्ज्वल हो गए।
अंसारी बंधुओं के दाग धुल गए। जो मंत्री कल तक अच्छे नहीं थे, सत्ता के वृंदावन का भक्त होने के बाद वे सत्यम, शिवम, सुंदरम हो गए। कहा, वृंदावन में रहना है तो स्वामी जी का सहना है, हांजी, हांजी कहना है।
सत्ता की महत्ता को प्रणाम
अमर ने कहा, राजनीति में सत्ता की महत्ता को मैं प्रणाम करता हूं। सीएम की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जिनकी वजह से पार्टी में गतिरोध की परिस्थितियां बनीं, वे आज उनके प्रबल समर्थक हैं और जिनके घर पले-बढ़े, वे चाचा आज विरोधी हैं। कहा, मैं अखिलेश को चिरंजीवी और यशस्वी होने का आशीर्वाद देता हूं। उनके नए साधकों को शुभकामनाएं।
पिता-पुत्र में समन्वय के लिए आया हूं
अमर सिंह बोले, मैं गतिरोध पैदा करने नहीं आया हूं। चाहता हूं पिता-पुत्र में समन्वय हो। पिता का सम्मान हो और बेटे का यशस्वी नेतृत्व हो।
किरनमय नंदा के मुलायम की हैसियत पूछने पर भी तीखी टिप्पणी की। कहा, हैसियत सत्ता और संख्या से नहीं, व्यक्तित्व और कृतित्व से होती है। हैसियत अमावस्या या पूर्णिमा का चांद नहीं जो घटती-बढ़ती रहे।
आसमान में उड़ने वाले मिट्टी में मिल जाएगा
अमर ने कहा, चोट बाहरी से नहीं मिलती है, उनसे पराक्रम से लड़ा जा सकता है। अपनों से लड़ना मुश्किल होता है। एक गीत की लाइनों के जरिये उन्होंने अपनी बात कही,‘...आसमान में उड़ने वाले मिट्टी में मिल जाएगा’।
शिवपाल ने की अखिलेश से मुलाकात
डेमो पिक
- फोटो : amar ujala
वहीं विवाद निपटाने के लिए हो रही तरह-तरह की कवायद के बीच शिवपाल यादव मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने उनके सरकारी आवास गए थे।
हालांकि मुलाकात ज्यादा लंबी नहीं चली, शिवपाल उनसे मिलकर 20 मिनट में ही निकल गए। बता दें कि गुरुवार को विधायकों से बातचीत में सीएम ने कहा, मैं चाहता था कि मिलकर चुनाव लड़ें। हमने कहा था, तीन महीने हमें फैसले करने दो। हम चुनाव जिताकर दे देंगे। फिर चाहे सारे पद ले लेना, हम खुद हट जाएंगे।
देर शाम सपा के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। दिल्ली, लखनऊ, इटावा में कई बैंकों की शाखाओं में सपा के लगभग 500 करोड़ रुपये जमा हैं। इन बैंकों से फिलहाल कोई लेन-दने नहीं हो सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव धड़े के एक बड़े नेता के पत्र के बाद बैंकों ने यह कार्रवाई की। इसे विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।