जिला कारागार में बंद अमनमणि त्रिपाठी बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती होने की कोशिश कर रहा है। बुधवार को उसने सिर दर्द और उलझन का नाटक शुरू कर दिया। वीआईपी बैरक में वह हाथ-पैर मारते हुए चीखने लगा।
प्रधान बंदी रक्षक उसे जिला कारागार के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे दो इंजेक्शन लगाए और दवाएं देकर वापस भेज दिया।
उधर, जेल सूत्रों का कहना है कि अमनमणि को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। जेल में उसका खास खयाल रखा जा रहा है।
परिवार के सदस्यों और परिचितों के नाम पर मिलने-जुलने वाले बेरोकटोक आ-जा रहे हैं। अमनमणि को उसकी पसंद के नाश्ते के साथ ही लंच और डिनर में लजीज व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
वीआईपी बैरक में उसे सिर्फ अकेलेपन की समस्या है। यही वजह है कि अमनमणि ने बीते दो दिन लगातार सामान्य बैरक में शिफ्ट करने की बात कही। हालांकि, कारागार प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा करने से इन्कार कर दिया।