नौतनवा (महाराजगंज) से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने सोमवार को सदन में अपनी हत्या की आशंका जताई। गोरखपुर के कुछ हिस्ट्रीशीटर हरिशंकर तिवारी के नेतृत्व में उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। बसपा के लालजी वर्मा ने सदन में पूर्व मंत्री का नाम लेकर आरोप लगाए जाने पर एतराज जताया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने अमनमणि को सुरक्षा का आश्वासन दिया।
अमनमणि ने सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में विशेषाधिकार हनन का मामला उठाते हुए अपनी हत्या की आशंका जताई। अध्यक्ष ने बिना पूर्व सूचना दिए बोलने की इजाजत नहीं दी। सपा के आजम खां ने कहा कि सदन की परंपरा है कि यदि किसी सदस्य को जान का खतरा हो तो उसकी बात सुनी जाती है। अनुमति न मिलने पर अमनमणि वेल में आ गए।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने अध्यक्ष से आग्रह किया कि अमनमणि की बात सुन ली जाए। अमनमणि ने इशारों ही इशारों में गोरखपुर के पूर्व मंत्री पर निशाना साधा। कहा कि उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लिखवाए जा रहे हैं। एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया गया है। उन पर गोली चल चुकी है। एक हिस्ट्रीशीटर के इशारे पर उनका राजनीतिक करिअर बिगाड़ने की साजिश हो रही है।