केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन को तीन माह का सेवा विस्तार दे दिया है। उनका कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा था। राज्य सरकार ने पिछले दिनों केंद्र सरकार को पत्र भेजकर आलोक रंजन को सेवा विस्तार देने की सिफारिश की थी।
आलोक रंजन सेवा विस्तार पाने वाले यूपी के दूसरे मुख्य सचिव हैं। इससे पहले 2007 में तत्कालीन मुख्य सचिव शंभूनाथ को तीन महीने का सेवा विस्तार मिला था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के बाद 31 मई 2014 को जावेद उस्मानी को हटाकर 1978 बैच के आईएएस आलोक रंजन को मुख्य सचिव बनाया।
मुख्य सचिव की कुर्सी संभालने के बाद जिस तेजी के साथ सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आलोक रंजन ने आगे बढ़ाया, उसे देखते हुए सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार से पुरजोर सिफारिश की थी।
राज्य सरकार की ओर से भारत सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा गया था कि इन्हें उनकी देखरेख में पूरा कराया जाना है, इसलिए उन्हें सेवा विस्तार दे दिया जाए।
केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय कमेटी ने सिफारिशों को स्वीकार करते हुए तीन माह का सेवा विस्तार दे दिया। गौरतलब है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब आलोक रंजन उनके सचिव थे।