करीब 25 साल की लंबी लड़ाई के बाद लखनऊ में नेहरू एंक्लेव के 63 आवंटियों को दोहरी जीत हासिल हुई है। उनके भूखंड तो मिलेंगे ही, साथ ही उनको प्लॉट की कीमत से ज्यादा एलडीए से ब्याज में पैसा भी मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एलडीए नेहरू एंक्लेव के उन आवंटियों को प्लॉट के साथ पैसा भी दे रहा है, वह पहले समायोजन के तौर पर फ्लैट दे रहा था और वह भी वर्तमान दर पर।
इसमें आवंटियों को अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च खर्च करने पड़ते। गोमती नगर की नेहरू एंक्लेव योजना में एलडीए ने फ्लैट के साथ ही प्लॉट योजना भी लॉन्च की थी, लेकिन सेना से विवाद के कारण एलडीए वहां पर आवंटियों को जमीन का कब्जा नहीं दे सका।
ऐसा तब हुआ जब बहुत से आवंटियों ने पूरा पैसा जमा कर दिया था। विवाद लंबा खिंचने के कारण कई आवंटियों ने उसी समय अपना समायोजन दूसरी योजनाओं में करा लिया, लेकिन जो इंतजार करते रहे उनका समायोजन भी नहीं हो पाया।
करीब आठ साल पहले एलडीए ने समायोजन के तौर पर आवंटियों को बिना लाटरी फ्लैट आवंटित करने की बात कही थी, लेकिन उसके लिए फ्लैट की कीमत मौजूदा दर पर ही मांगी गई थी। इसे लेकर आवंटी तैयार नहीं हुए और उनकी कानूनी लड़ाई चलती रही। अब उन्हें बड़ी जीत मिली। न्यायालय के आदेश का लाभ अब उन लोगों को एलडीए नहीं देगा जो अपना पैसा वापस ले चुके हैं।