इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शिया वक्फ बोर्ड में प्रशासक नियुक्त करने पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि कानून के किस प्राधिकार के तहत 16 मार्च को बोर्ड में प्रशासक नियुक्त किया गया है? अदालत ने सरकार से यह भी पूछा है कि शिया वक्फ बोर्ड के गठन की प्रक्त्रिस्या कब शुरू की जाएगी?
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न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश असद अली खां की याचिका पर पारित किया। कोर्ट ने सरकार ने यह भी पूछा है कि शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव कब तक कराए जाएंगे? इन सभी सवालों के जवाब के साथ कोर्ट ने 25 मार्च को शासन के विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को तलब किया है।
याचिका में कहा गया था कि वक्फ अधिनियम 1995 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत बोर्ड का पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात प्रशासक नियुक्त किया जा सके। इसके साथ ही कहा गया कि पिछला चुनाव 19 मई 2015 को हुआ था। इस आधार पर 19 मई 2020 को पांच वर्ष पूरे होने के बाद चुनाव हो जाने चाहिए थे किंतु चुनाव नहीं कराए गए। इस बीच बिना किसी नियम के 16 मार्च 2021 को बोर्ड में प्रशासक नियुक्त कर दिया गया, जो कानून की मंशा के खिलाफ है। इस मामले में अब 25 मार्च को अगली सुनवाई होगी।