मुख्य सचिव ने अफसरों को फिर निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम में 24 घंटे फोन रिसीव होना चाहिए। कंट्रोल रूम में रिसीव कॉल तथा समाधान का विवरण भी रजिस्टर में दर्ज कराएं।
प्रभावित व्यक्ति की समस्या का समाधान स्थानीय प्रशासन की मदद से किया जाए और फीडबैक भी प्राप्त किया जाए। शेल्टर होम व भोजन वितरण के स्थान, फोन नंबर इत्यादि की सूचना भी नोडल ऑफिसर्स को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसकी सूचना ऑनलाइन सार्वजनिक कराने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी गई है। इससे प्रभावित लोगों के फोन आने पर जानकारी दी जा सकेगी।
मुख्य सचिव ने अलग-अलग राज्यों के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामित आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों को आपस में समन्वय रखने और संयुक्त रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इन अफसरों को सीएम हेल्पलाइन-1076 से भी समन्वय रखने को कहा है।
उन्होंने अन्य प्रदेशों में रह रहे यूपी के लोगों तथा यूपी में रह रहे अन्य प्रदेशों के लोगों की सूची भी मंगलवार तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके लिए नियोजन एवं सांख्यिकीय विभाग का भी सहयोग लेने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि नोडल ऑफिसर दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से कर रहे हैं। इससे अन्य प्रदेशों में भी एक सकारात्मक संदेश जा रहा है। किसी व्यक्ति को भुखमरी से बचाने पर आत्मसंतुष्टि प्राप्त होती है।
नोडल ऑफिसर्स यह भी सुनिश्चित कराएं कि अन्य प्रदेशों में रहने वाले यूपी के लोगों को अत्यावश्यक वस्तुएं, दवाई व वेतन समय से उपलब्ध हो। नोडल ऑफिसर्स ने नामित प्रदेशों में यूपी के निवासियों की स्थिति की जानकारी दी।