ह्यूमैनिटी वेलफेयर बोर्ड के संस्थापक मौलाना सलमान हसनी नदवी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिवेश में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अपने अधिकारों से वंचित हैं। जनसंख्या के अनुपात में सत्ता और संपत्ति में भागीदारी की लड़ाई लड़ने के लिए सभी लोगो को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज देश मे अघोषित आपातकाल में हम जीने को मजबूर है। ये 42 दल मिलकर सत्ता को बदलने के लिये चुनाव में उतरेंगे।
राजनीतिक दलों के 5 गठबंधनों, 42 दलों और 5 सामाजिक आंदोलनों से बने महागठबंधन की ओबीसी एससी एसटी अल्पसंख्यक विमर्श यात्रा के उद्घाटन के मौके पर दुबग्गा स्थित अपने आवास पर मौलाना सलमान हसनी नदवी ने कहा है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
उन्होंने कहा कि धरती के सभी इंसान एक ही रूहानी जिस्म के अंग हैं। उन्होंने कहा कि संसार में समस्त भेदभाव और अन्याय खत्म होने चाहिए। भारतीय लोकतांत्रिक गठबंधन के संयोजक साहब सिंह धनगर ने कहा कि पिछड़े समुदायों में कई राजनीतिक दल बन गए हैं जिसके कारण वोट बिखर जाता है और जनसंख्या बड़ी होने के बाद भी शासन सत्ता में इस वर्ग की सुनवाई नहीं होती।
व्यवस्था परिवर्तन मोर्चा के संयोजक हेमंत कुशवाहा ने कहा कि आने वाला चुनाव हम सभी छोटे दल मिलकर लड़ेंगे और बड़े दलों को भी विवश करेंगे कि वह एक मंच पर आएं और दलितों-पिछड़ों तथा अल्पसंख्यकों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करें। छोटे दल इकट्ठा होने के बाद समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से बात करने के सवाल पर कहा कि इस विषय में फैसला महागठबंधन की संविधान सभा करेगी।
उन्होंने कहा गया कि यह 5 गठबंधनों, 42 राजनीतिक दलों और 5 सामाजिक आंदोलनों का महागठबंधन है जो लिखित संविधान पर काम कर रहा है। यह भी कहा गया कि इस महागठबंधन की अपनी संविधान सभा है जो नेतृत्व जैसे निर्णय लेने के लिए अधिकृत है। इस मौके पर महागठबंधन के सदस्य अशोक विश्वासना भरत गांधी, मुस्लिम मजलिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट वसी सिद्दीकी, दादा मियां दरगाह के मुतवल्ली फरहद मियां आदि मौजूद रहे।