अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि आजादी के 73 साल बाद भी न्यायपालिका में दलित-आदिवासी, पिछड़ों की हिस्सेदारी नाममात्र है। इसलिए संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन जल्द से जल्द हो, ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के मेधावी युवक-युवतियों को भी न्यायपालिका में सेवा करने का मौका मिले।
अनुप्रिया‘क्रांति दिवस’ के अवसर पर वर्चुअल मीटिंग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का दबा-कुचला, वंचित वर्ग विकास की मुख्य धारा से नहीं जुड़ेगा, तब तक संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सपना साकार नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) ने आरक्षण से संबंधित हर मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक सही ढंग से उठाया है। इसी का परिणाम है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को सांविधानिक दर्जा प्राप्त हुआ है। मीटिंग में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओपी कटियार, कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी, उप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य जवाहरलाल पटेल, पार्टी के केंद्रीय महासचिव अवध नरेश वर्मा मौजूद थे।