लखनऊ यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ का कार्यक्रम
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कुलपति ने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों के अभिभावक बनें। विभागाध्यक्ष एक सप्ताह में हर विद्यार्थी के लिए उसके मेंटर शिक्षक की सूची तैयार कर लें। इसके साथ ही हर शिक्षक एक-एक विद्यार्थी को गोद लें और उनकी पढ़ाई का खर्च उठाएं।
शिक्षक अपने बुजुर्गों के नाम पर स्कॉलरशिप भी शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों के साथ उनकी बातचीत सिर्फ कक्षा तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रतिदिन एक घंटे का समय वे सिर्फ विद्यार्थियों से मिलने के लिए रखें। इससे विवि का माहौल बेहतर होगा।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार
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प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि उनकी मंशा लविवि में विज्ञान कांग्रेस आयोजित करने की है। विज्ञान कांग्रेस का हर साल आयोजन होता है। इसका उद्घाटन हमेशा प्रधानमंत्री के हाथों होता है। लविवि के लिए गर्व की बात होगी कि इसका आयोजन यहां हो सके।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने कहा कि यहां पर कई बार नकारात्मक बातें सामने आती हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वे आपसी विवाद छोड़कर आगे बढ़ें। कुलपति ने यह भी कहा कि शिक्षकों को उनको देय सभी सुविधाएं न मिलना अपराध है। इसलिए उनको सभी अधिकार तथा सुविधाएं मिलनी चाहिए।
विभागाध्यक्ष यह प्रयास करें कि शिक्षकों को विषय विशेषज्ञ के तौर पर बुलाने के बजाय संविदा पर नियुक्ति करें। इससे शिक्षक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। इसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। नियमित शिक्षकों से उन्होंने यूडीआरसी पोर्टल पर लॉगइन करने के लिए भी कहा। इसके साथ ही विवि की ओर से शिक्षकों के लिए ज्यादातर सुविधाएं ऑनलाइन करने की बात भी कही।