शिक्षा विभाग में आजकल निदेशक की कुर्सी के लिए लॉबिंग चल रही है। विभाग में निदेशक स्तर के चार अधिकारी हैं।
इसमें विभाग में चचा के नाम से मशहूर निदेशक के पास दो विभागों का चार्ज है। उनका रिटायरमेंट आ रहा है। अगले साल मार्च में रिटायरमेंट बताया जा रहा है।
उनके पास निदेशक की जो कुर्सियां हैं वे काफी महत्वपूर्ण हैं, सो लालच स्वाभाविक है। विभाग में इन दोनों कुर्सियों के लिए घमासान मचा है। कोई मंत्री को सेट करने में जुटा है, तो कोई मुख्यमंत्री को।
एक साहब तो आजकल सारा काम छोड़कर इसी काम में जुटे हैं कि किसी तरह उनके नाम पर मुहर लग जाए। यही हाल छोटे अधिकारियों का भी है। चचा के नजदीक माने जाने वाले छोटे अफसर भी लॉबिंग में जुटे हैं।
वह जान चुके हैं कि अब चला-चली की बेला है। उन्हें इंतजार केवल लोकसभा चुनाव की अधिसूचना का है, ताकि वे खुलकर लॉबिंग कर सकें।
वह जानते हैं कि चचा के जाने के बाद सबसे बुरी स्थिति उनकी ही होने वाली है। इसलिए चोरी-छिपे वह अपने लिए लॉबिंग कराने में जुटे हुए हैं।